सूर्योदय से पहले स्नान का विधान
ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी के अनुसार, इस दिन सूर्योदय से पहले शरीर पर तेल और उबटन लगाकर स्नान करने की परंपरा है। स्नान के पानी में अपामार्ग की पत्तियां डालने का भी विधान बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है।
यमराज की पूजा और तर्पण का विशेष महत्व
आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि नरक चतुर्दशी पर यमराज की पूजा और यम तर्पण का विशेष महत्व है। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल मिश्रित जल से यमराज के नामों का स्मरण करते हुए तिलांजलि दी जाती है। मान्यता है कि इससे वर्षभर के पापों का नाश होता है और अकाल मृत्यु का संकट टलता है।
शाम को घर के बाहर जलाएं दीपक
नरक चतुर्दशी की शाम को घर के बाहर और चारों दिशाओं में दीपक जलाकर यमराज के निमित्त दीपदान किया जाता है। इसे यम दीपदान कहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से परिवार पर यमराज की कृपा बनी रहती है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।