मेरठ में रैपिड और मेट्रो के स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक निरीक्षण कर चुके हैं। अफसरों के मुताबिक चीफ ऑफ रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (सीआरएस) का भी इंस्पेक्शन कराकर कमियों को दूर किया जा रहा है।
शहर में मेरठ साउथ स्टेशन रैपिड कॉरिडोर का पहला स्टेशन है। अभी स्टेशन पर फिनिशिंग का काम हो रहा है। इसके बाद शॉप्रिक्स मॉल के सामने शताब्दीनगर स्टेशन है। यहां 800 वाहन खड़े करने की क्षमता की पार्किंग बनाई जा रही है। इस स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क के दोनों ओर दो प्रवेश-निकास द्वार निर्मित किए गए हैं। सराय काले खां से मोदीपुरम तक 82 किमी. रेलखंड पर सफल ट्रायल रन शुरू हो चुका है।
मेरठ में रैपिड और मेट्रो के स्टेशन
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रैपिड के ट्रैक पर ही दौड़ेगी, मेट्रो स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति शुरू
नमो भारत रैपिड ट्रेन के ट्रैक पर ही मेट्रो ट्रेन भी दौड़ेगी। मेरठ मेट्रो कॉरीडोर 23 किमी. लंबा है। इसमें 18 किमी. का खंड एलिवेटेड और 5 किमी. का खंड भूमिगत है। मेरठ में एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों खंड पूरे हो चुके हैं। यहां बिजली आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है। दूसरा पावर सब स्टेशन मोदीपुरम में तैयार हो रहा है।
ये हैं मेट्रो स्टेशन
मेरठ साउथ (एलिवेटेड), परतापुर (एलिवेटेड), रिठानी (एलिवेटेड), शताब्दीनगर (एलिवेटेड), ब्रह्मपुरी (एलिवेटेड), मेरठ सेंट्रल (भूमिगत), भैसाली (भूमिगत), बेगमपुल (भूमिगत), एमईएस कॉलोनी (एलिवेटेड), डौरली (एलिवेटेड), मेरठ नॉर्थ (एलिवेटेड), मोदीपुरम (एलिवेटेड), मोदीपुरम डिपो (धरातल पर) मेट्रो स्टेशन हैं।
ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होंगे ये स्टेशन
मेरठ में मेरठ साउथ के बाद शताब्दीनगर, बेगमपुल (अंडरग्राउंड) और मोदीपुरम स्टेशनों पर नमो भारत व मेरठ मेट्रो, दोनों की सेवाएं मिलेंगी। इन स्टेशनों को एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां से नमो भारत और मेट्रो के अलावा ऑटो, टैक्सी और बस तक की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मेरठ में अंडरग्राउंड सेक्शन का पहला स्टेशन फुटबॉल चौक के पास मेरठ सेंट्रल है।