शहर के नाले ओवरफ्लो होने पर कमालपुर काली नदी पर पहुंचे महापौर और निगम के अधिकारी
शहर के ओडियन और आबू सहित कई नाले ओवरफ्लो हो गए हैं। इससे नालों के पास की कॉलोनियों और मोहल्लों में जलभराव की गंभीर स्थिति है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने निगम अधिकारियों के साथ स्थिति का मुआयना किया।
उन्होंने कमालपुर स्थित काली नदी के पास बने 220 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। काली नदी में पानी कम पहुंचने पर महापौर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नमामि गंगे योजना के अधिकारियों को नदी में बने अवरोध हटाने के निर्देश दिए। भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा ने शुक्रवार को भूमिया पुल सहित कई कॉलोनियों में गंदे पानी के भराव पर हंगामा किया था। महापौर ने सूरजकुंड स्थित अपने कार्यालय में निगम अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के निर्माण कार्यों से नदी का पानी रुका हुआ है। इस लापरवाही से नाले ओवरफ्लो हुए और जलभराव के हालात बने। गंदे पानी से उठ रही दुर्गंध ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने नगर निगम और नमामि गंगे परियोजना के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधा देना है। इन कार्यों से नागरिकों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। जल निकासी बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करनी चाहिए।
220 एमएलडी परियोजना का महत्व
महापौर ने 220 एमएलडी क्षमता वाली नमामि गंगे परियोजना के महत्व को रेखांकित किया। यह मेरठ की सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करेगी। इसके पूरा होने पर शहर का गंदा पानी उपचारित होकर नदियों में जाएगा। इससे प्रदूषण नियंत्रण होगा और स्वच्छता में सुधार होगा। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना में तेजी लाने और समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी, मुख्य अभियंता (निर्माण) प्रमोद कुमार, नमामि गंगे परियोजना के अधीक्षण अभियंता संजीत कटियार, अधिशासी अभियंता मोहित विक्रम सिंह, अवर अभियंता विवेक शर्मा समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
शहर के नाले ओवरफ्लो होने पर कमालपुर काली नदी पर पहुंचे महापौर और निगम के अधिकारी