जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सभी को संयम से काम लेने की जरूरत है। टिकैत ने जिलाधिकारी और एसपी दोनों से फोन पर बात की। टिकैत ने प्रशासन से नाहिद हसन पक्ष को गाड़ी का कागजात दिखाने के लिए और समय देने की सिफारिश की।
टिकैत ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि समय मिलने के बाद नाहिद हसन पक्ष सोमवार को कोई धरना प्रदर्शन नहीं करेगा। विधायक नाहिद हसन और उनके परिवार के सदस्य जांच में प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। इस पर प्रशासन ने कैराना विधायक नाहिद हसन को गाड़ी और कागजात आदि देने के लिए पांच दिन का समय और दे दिया है।
नरेश टिकैत से फोन पर बात हुई थी। गाड़ी और कागजात दिखाने के उनके प्रस्ताव पर उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता की, उनका मार्गदर्शन लेने के बाद ही जनहित में विधायक पक्ष को गाड़ी के कागजात दिखाने को पांच दिन का समय दिया गया है। इस बीच कैराना में पुलिस ओर पीएसी बल कैराना में ही कैंप करेगा।
- अजय कुमार, एसपी शामली
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तबस्सुम हसन सिसौली जाकर नरेश टिकैत से मिली थीं। मेरे पास नरेश टिकैत का फोन आया था। उनका कहना था कि तबस्सुम हसन गाड़ी और कागजात देने को सात दिन का समय चाहती हैं, लेकिन पुलिस उन्हें पहले ही कई दिन का वक्त दे चुकी है, इसलिए उन्हें केवल पांच दिन का समय दिया गया है। टिकैत के माध्यम से तबस्सुम हसन ने भी सोमवार को किसी तरह के धरने आदि ना करने की बात कही है। नरेश टिकैत ने उन्हें ये भी भरोसा दिया है कि यदि पांच दिन में विधायक पक्ष द्वारा पुलिस को गाड़ी और उसके कागजात नहीं दिए जाते तो इस मामले में वह भी कोई मध्यस्थता नहीं करेंगे।
-अखिलेश सिंह डीएम शामली
शामली फ्लैग मार्च करती पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने नाहिद पर दर्ज मामले में बढ़ाई धारा
कैराना के सपा विधायक नाहिद हसन पक्ष को भले ही पुलिस प्रशासन ने गाड़ी के कागजात तैयार कराने को पांच दिन का वक्त दे दिया हो, लेकिन दूसरी तरफ पुलिस मजबूत तथ्य और सबूतों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की भूमिका भी तैयार कर रही है। इनके आधार पर कोर्ट से वारंट लेकर पुलिस गिरफ्तारी कर सकती है। विधायक नाहिद हसन के विरुद्ध शिकंजा भी कसा जा रहा है।
हाईप्रोफाइल ओर राजनीतिक मामला होने की वजह से पुलिस प्रशासन इसमें फूंक फूंक कर कदम रख रही है। लिहाजा विधायक की पूरी कुंडली खंगाली गई है। उन पर दर्ज मुकदमों की वर्तमान स्थिति पर भी जानकारी जुटाकर चौतरफा शिकंजा कसा जा रहा है। झिंझाना थाने की पुलिस ने बताया कि एसडीओ की पिटाई को लेकर पूर्व में दर्ज मुकदमे में विधायक नाहिद हसन का भी नाम था।
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इस केस की विवेचना अभी जारी है। रविवार को इस केस में पुलिस ने धारा 333 बढ़ा दी है। इंस्पेक्टर झिंझाना ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ये धारा बढ़ी है। किसी लोकसेवक पर हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाने के आरोप में ये धारा लगती है।
एसपी अजय कुमार ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस धारा में 10 साल तक की सजा संभव है। इसके अलावा पुलिस ने विधायक पर दर्ज मुकदमों का पूरा चिट्ठा तैयार किया है। इन तमाम तथ्यों के आधार पर पुलिस इस केस की मजबूत पैरवी करने की तैयारी में है।
पुलिस ने गाड़ी के कागजात दिखाने को लेकर दर्ज किए मुकदमे में भी कई धाराएं लगाई हैं। धारा 420 अपने आप में बड़ी धारा है। दरअसल, पुलिस चाहती है कि उसकी कार्रवाई किसी भी स्तर पर हल्की ना पड़े इसलिए ही पूरी तैयारी से घेरने का प्लान तैयार हो रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कागज दिखाने के लिए दिए गए पांच दिन के समय तक तो पुलिस इंतजार कर सकती है, लेकिन इसके बाद भी यदि कागजात नहीं दिखाए जाते तो पुलिस कोर्ट से वारंट लेकर गिरफ्तारी भी कर सकती है।
कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को प्रस्तावित धरना स्थगित होने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी चौकस है। सुरक्षा के लिहाजा से जिले को 6 जोन व कैराना को तीन जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में एक एक क्षेत्राधिकारी और एक एक मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।