मुजफ्फरनगर के खतौली में गांव अंतवाड़ा में नागिन नदी के पुनर्जीवित होने पर उद्गम स्थल से निकली धारा को देखने के लिए गैर जनपदों से भी लोग आ रहे हैं। नागिन नदी से निकली स्वच्छ धारा से लोग काफी खुश हैं। लोगों में काफी उत्सुकता है और वे मौके पर पहुंचकर नदी के उद्गम स्थल पर पहुंचकर वहां के नजारे को अपने कैमरे में कैद कर लेना चाहते हैं।
गांव के बुजुर्ग बताते हैं लगभग 500 वर्ष पूर्व नागिन नदी का उद्गम खतौली क्षेत्र के ही गांव अंतवाड़ा से हुआ था। नदी अपने उद्गम अंतवाड़ा से होते हुए याहियापुर, पलड़ी, जसौला, जावन, लावड़ होते हुए बुलंदशहर से कुछ आगे गंगा नदी में समागम हो रहा है। मेरठ से आगे निकलते ही इसका नाम काली नदी पड़ा। बुलंदशहर में आज भी नदी का बावन दरा मौजूद है।