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हस्तिनापुर में 7400 घरों पर नगर पंचायत लगाएगी गृहकर

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हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी में पिछले लंबे समय से लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक नहीं मिल रहा था। जिसकी मांग की जा रही थी। राज्य सरकार के निर्देश के बाद अब नगर पंचायत में स्वकर प्रणाली के तहत गृहकर की वसूली की सभी तैयारी पूरी हो गई हैं। इसके लिए अंतिम चरण का सर्वे किया जाएगा।
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महाभारत कालीन ऐतिहासिक नगरी में भवन स्वामी अब नगर पंचायत द्वारा निर्धारित अपना गृहकर स्वयं जमा कर सकेंगे। हस्तिनापुर में अधिकतर लोगों के पास अभी तक अपने घरों का मालिकाना हक नहीं था। वह लंबे समय से गृहकर की मांग कर रहे थे। इसके लागू होते ही उन्हें अपने घरों का मालिकाना हक मिलेगा। इस मामले में कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ई-कैबिनेट से उत्तर प्रदेश नगर पालिका (भवन या भूमि या दोनों के वार्षिक मूल्य पर कर) नियमावली 2021 को मंजूरी दी थीं। इससे पूर्व नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भवन या भूमि या दोनों के वार्षिक मूल्य पर कर लगाने की कोई नियमावली नहीं थी। इसके चलते कुछ नगर पंचायतों में नियमावली न होने की वजह से संपत्ति कर वसूली में मनमाना रवैया अपनाया जा रहा था।
अब उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 में दी गई व्यवस्था के अनुसार नगर पालिका और नगर पंचायतों में भवन या भूमि या दोनों के वार्षिक मूल्य पर कर निर्धारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश नगर पालिका (भवन या भूमि या दोनों के वार्षिक मूल्य पर कर) नियमावली-2021 को मंजूरी मिलने के बाद कस्बे की नगर पंचायत ने ऐतिहासिक नगरी में संपत्ति कर की वसूली के लिए प्रथम सर्वे कराया। जिसमें 8000 घरों को कर लगाने के लिए चिह्नित किया गया। वहीं, कुछ स्थानों पर भूमि विवाद के और अवैध अतिक्रमण के चलते गृहकर से बाहर कर दिया गया। अब 7400 घरों पर गृहकर लगाने की तैयारी है। (संवाद)
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क्षेत्रवार तय होगा गृहकर
नगर पंचायत अधिकारियों के अनुसार, हस्तिनापुर में कुल 15 वार्ड है। हर वार्ड में अलग-अलग गृहकर लगाया जाएगा। इसके लिए नगर पंचायत की एक टीम डोर टू डोर सर्वे के लिए भी लगाई गई है। गृहकर तय करने का अधिकार निकाय बोर्ड का होगा। क्षेत्रवार किराया दर और भवन के निर्मित क्षेत्र को 12 से गुणा करते हुए वार्षिक मूल्य (एआरवी) तय किया जाएगा। इसका कुल कितना प्रतिशत संपत्ति कर के रूप में लिया जाएगा, इसे निकाय बोर्ड स्थानीय स्तर पर तय करेंगे।

पुराने भवनों पर मिलेगी छूट
नगर पंचायत में लागू होने वाली गृहकर नई नियमावली में पुराने भवन स्वामियों को राहत दी गई है। उदाहरण के लिए 10 साल से पुराने भवनों में अगर भवन स्वामी स्वयं रह रहा है तो उसे नगर पंचायत द्वारा निर्धारित छूट मिलेगी। इसी तरह 10 से 20 साल और 20 साल से अधिक पुराने भवन स्वामियों को गृहकर में छूट दी जाएगी। अगर ऐसे भवनों में भवन स्वामी नहीं रहता है और किराए पर चल रहा है तो उसके लिए भी गृहकर वसूली निर्धारित की जाएगी।


अंतिम सर्वे के बाद वसूला जाएगा गृहकर
लंबे समय से चली आ रही गृहकर की मांग जल्द पूरी होगी। नगर पंचायत द्वारा कस्बे में गृहकर के लिए अंतिम सर्वे कराया जा रहा है। पूर्ण होते ही गृहकर वसूली शुरू कर दी जाएगी।
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-सुधा खटीक, चेयरपर्सन, नगर पंचायत, हस्तिनापुर
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