परिजनों से मिलने पहुंचे सपा नेताओं ने लगाए आरोप, नाले के बहे बच्चे का दूसरे दिन भी नहीं लगा सुराग
-लोग बोले-नाला ढका होता तो हादसा नहीं होता
-नगर पंचायत और पुलिस प्रशासन की टीम ने सर्च अभियान
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर(मेरठ)। कस्बा हर्रा में बरसात के चलते नाले में बहे तीन साल के मासूम बच्चे सादिक का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा है। नगर पंचायतकर्मी और पुलिस प्रशासन की टीम बच्चे की तलाश में जुटी हैं। क्षेत्रवासी और सपा नेताओं का आरोप है कि यह नाला करीब तीन फीट गहरा और दो फीट चौड़ा है, लेकिन नगर पंचायत इस नाले को नाली बताकर पल्ला झाड़ जिम्मेदारी से बच रहा है।
बृहस्पतिवार को पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे सपा नेता नदीम चौहान और माजिद चौहान आदि कई लोगों ने यह आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शासन के आदेश हैं कि नगर पंचायत में मानक के अनुरूप नाले बनाए जाएं। आबादी में नालों को ढ़का होना चाहिए लेकिन नाला खुला था, यदि यह ढका होता तो यह हादसा नहीं होता।
गौरतलब है कि सरुरपुर थाना क्षेत्र के कस्बा हर्रा में बुधवार को ननिहाल में आए सहारनपुर जनपद के गांव खेड़ी सिकरोड़ा निवासी सोनू का तीन साल का बेटा सादिक घर के बाहर खेलते समय नाले में गिर गया था। तेज बहाव में बह गया। नगर पंचायत टीम और पुलिस के काफी तलाशने के बाद भी बच्चा नहीं मिला। बृहस्पतिवार को भी टीम ने सर्च अभियान चलाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सादिक की मां हिना बेसुध हालत में है। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस की टीम नगर पंचायत के कर्मचारियों के साथ मिलकर बच्चे की तलाश में लगी है। आज भी सर्च अभियान जारी रहेगा। नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी नीति गुप्ता ने बताया कि जल निकासी योजना के तहत कस्बे के नए नालों के निर्माण के साथ अधिकांश नाले कवर्ड कर दिए हैं बरसात के बाद बाकी को भी कवर करा दिया जाएगा।
सरूरपुर। हर्रा में नाले में बहे बच्चे को तलाशकरती नगर पंचायत टीम व ग्रामीण। संवाद
सरूरपुर। हर्रा में नाले में बहे बच्चे को तलाशकरती नगर पंचायत टीम व ग्रामीण। संवाद
सरूरपुर। हर्रा में नाले में बहे बच्चे को तलाशकरती नगर पंचायत टीम व ग्रामीण। संवाद
सरूरपुर। हर्रा में नाले में बहे बच्चे को तलाशकरती नगर पंचायत टीम व ग्रामीण। संवाद