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न सपा न बसपा, निशाने पर सिर्फ मोदी

Fri, 07 Oct 2016 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मेरठ में बदले अंदाज और तेवर में नजर आये। विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेश की नब्ज टटोलने निकले राहुल ने अपने भाषण में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को निशाने पर रखा। यूपी में भले ही सपा की सरकार हो और बसपा यहां प्रमुख पार्टी हो, लेकिन राहुल ने इनमें से किसी पर कटाक्ष तो दूर, अपने भाषण में नाम तक नहीं लिया।
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राहुल गांधी यूपी में 27 साल बाद वापसी का सपना लेकर किसान यात्रा पर निकले हैं। बृहस्पतिवार को देवरिया से दिल्ली तक की यह यात्रा अपने अंतिम पड़ाव में मेरठ पहुंची और दिल्ली के लिए रवाना हो गई। इस दौरान राहुल ने मुख्य रूप से घंटाघर पर भाषण दिया, जिसमें मुस्लिम बहुल इलाके में उन्होंने सिर्फ प्रधानमंत्री और भाजपा को निशाने पर रखा। जबकि, यूपी फतह के लिए उनके सामने सपा और बसपा की भी चुनौती है। सियासी दृष्टिकोण से देखा जाए तो कांग्रेस को यूपी की सत्ता से दूर रखने में भाजपा से ज्यादा भूमिका सपा और बसपा की रही है। बावजूद इसके राहुल का नरेंद्र मोदी को ही निशाने पर रखना सधी हुई रणनीति का हिस्सा नजर आया।
कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत कुमार (पीके) तीन दिन पहले मेरठ आये थे और यहां की भौगोलिक, राजनीतिक, धार्मिक आदि जानकारियां जुटाकर ले गए थे। इसके बाद बृहस्पतिवार को रोड शो में जो नजर आया, उसमें राहुल और कांग्रेस के रुख पर पीके का होमवर्क की छाप दिखी। राहुल गांधी ने सिर्फ घंटाघर पर ही मुख्य रूप से भाषण दिया। इसमें उन्होंने मुख्य रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा और उन्हें झूठा बताते हुए जनता से हामी भरवाई। कांग्रेस सरकार के समय हुए कार्यों को गिनाया। साथ ही मोदी के चुनावी वादों को गिनाते हुए उन पर हमला बोला।
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राहुल के भाषण में सपा का जिक्र न होना चौंका गया, क्योंकि किसानों की समस्या के साथ एक बड़ी समस्या कानून-व्यवस्था की भी है। राहुल ने इसका कोई जिक्र नहीं किया। माना जा रहा है कि राहुल सपा और बसपा का जिक्र किये बगैर मुस्लिम वोटों को साधना चाहते हैं। परंपरागत पुराने कांग्रेसी वोटों के साथ पश्चिम के मुस्लिमों पर कांग्रेस की नजर है।
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