फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar: सपा में वापसी कर सकती हैं उमा किरण, बेटे विक्रांत ने किया विधायक का समर्थन, ये दिया बयान

Fri, 20 Mar 2026 04:32 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

Cabinet Minister Anil Kumar and SP MLA Pankaj Malik Controversy: पूर्व मंत्री उमा किरण के बेटे विक्रांत किरण का कहना है कि कैबिनेट मंत्री इस प्रकरण को जातीय रंग देना चाहते हैं लेकिन चरथावल और पुरकाजी के लोग सच जानते हैं।
विज्ञापन
उमा किरण और उनका बेटा विक्रांत किरण। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और सपा विधायक पंकज मलिक के प्रकरण में अब पूर्व मंत्री उमा किरण के परिवार की एंट्री भी हो गई है। उनके बेटे विक्रांत किरण ने विधायक का समर्थन किया है। आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री इस प्रकरण को जातीय रंग देना चाहते हैं लेकिन चरथावल और पुरकाजी के लोग सच जानते हैं। समर्थन से अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही पूर्व मंत्री अपने बेटे के साथ समाजवादी पार्टी में वापसी कर सकती हैं।
विज्ञापन

 

विक्रांत किरण ने बयान में कहा कि मंत्री ने इस पूरे प्रकरण को जातीय रंग देने का प्रयास किया गया है। यह गलत है। सामाजिक एकजुटता रहनी चाहिए। किसी भी दल पर अशालीन टिप्पणी करना निंदनीय है। विक्रांत के बयान के बाद फिर से उमा किरण की सपा में वापसी की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। किरण लंबे समय तक सपा में रही हैं लेकिन वर्ष 2022 का चुनाव पुरकाजी सुरक्षित सीट से आसपा के टिकट पर लड़ चुकी हैं।
 

चरथावल से बनीं विधायक, फिर मंत्री
मूल रूप से चरथावल की रहने वाली पूर्व मंत्री उमा किरण बसपा के टिकट पर वर्ष 2002 में सुरक्षित सीट चरथावल से विधायक चुनी गई और मंत्री बनाया गया। वर्ष 2007 में वह सपा से चुनाव लड़ी लेकिन तब बसपा के अनिल कुमार के सामने हार गई थी। इसके बाद परिसीमन हुआ तो सुरक्षित सीट पुरकाजी हो गई। किरण वर्ष 2012 और 2017 का चुनाव यहीं से सपा के टिकट पर लड़ी लेकिन जीत नहीं मिल सकी। इस बीच सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ाया लेकिन उनके सामने भाजपा की आंचल तोमर को जीत मिल गई थी। वर्ष 2022 में वह आसपा के टिकट पर मैदान में उतरी लेकिन हार गई। इस हार के बाद से वह राजनीति में सक्रिय नजर नहीं आई। अब उनका बेटा विक्रांत किरण भी सक्रिय हो गया है। माना जा रहा है कि मां-बेटा अब दोबारा सपा का दामन थाम सकते हैं।
 

सपा के दम पर ही विधानसभा पहुंचे मंत्री : सिमर्थी
समाजवादी पार्टी के जिला सचिव लोकेंद्र सिमर्थी ने बयान में कहा कि मंत्री अनुसूचित समाज को मामले में घसीटकर सहानुभूति लेना चाहते हैं। विधायक पंकज मलिक का सवाल मंत्री से था। सपा के दम पर ही वह विधानसभा पहुंचे और बाद में मंत्री भी बनाए गए। 
 

नामित सभासदों पर वार और पलटवार
समाजवादी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन ने आरोप लगाया है कि रालोद ने नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में मुस्लिम सभासद मनोनीत नहीं कराया है। उधर, रालोद नेता सुधीर भारतीय ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में रालोद से अपने कोटे से 45 सभासदों को मनोनीत किया है, इन मनोनीत सदस्यों में छह मुस्लिम समुदाय से हैं।
 
विज्ञापन

पंकज मलिक की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली में उपचार
चरथावल से सपा विधायक पंकज मलिक को संक्रमण के कारण बुखार हो गया। उनके पिता सांसद हरेंद्र मलिक ने पुष्टि करते हुए बताया कि उनका उपचार गंगाराम में कराया गया है। स्थानीय डॉक्टरों की सलाह के बाद दिल्ली ले जाया गया। हालांकि बृहस्पतिवार शाम को तबीयत में सुधार होना शुरू हो गया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें