इसके बाद शबाना कमरे में झपटी और कमरे में फर्श पर खेल रही तीसरी बच्ची एक साल की माहिरा को बमुश्किल बाहर खींचकर उसकी जान तो बचा ली, लेकिन बेड पर जिंदा जल रहीं दोनों बच्चियों तक चाहकर भी नहीं पहुंच पाई। मां ने शोर भी मचाया, लेकिन जब तक मदद पहुंचती, तब तक दोनों मासूम बहनें मौत के मुंह में समा चुकीं थीं। अपनी ही आंखों के सामने दोनों मासूमों को जिंदा जलते देखने को अभिशप्त मां शबाना लगातार उस मंजर को याद कर बिलख रही है, जिसे बमुश्किल गांव-परिवार की महिलाएं दिलासा देने की कोशिश कर रहीं थीं।
करीब दो घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
गांव परासौली में घर में आग लगने की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को दी, लेकिन दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में करीब डेढ़ बज गया। दरअसल, बुढ़ाना क्षेत्र में आग लगने की स्थिति में दमकल विभाग की गाड़ियां मुख्यालय से ही रवाना की जाती हैं, जिसके चलते अधिकांश मौकों पर फायर ब्रिगेड समय से घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाती। यही स्थिति बुधवार को परासौली में भी नजर आईं, जहां सूचना के बावजूद दमकल विभाग को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब दो घंटे से अधिक का समय लग गया। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कस्बे में ही दमकल विभाग की कोई व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
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