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मां की आंखों के सामने बिस्तर ही बन गई 'चिता', दो बेटियों की मौत से मचा कोहराम

Thu, 21 Mar 2019 12:20 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर में परासौली गांव के एक परिवार में बुधवार को ऐसा हादसा हुआ, जिसे परिवार कभी भूल नहीं पाएगा। महिला शबाना इस मंजर को जीते जी कभी नहीं भूल पाएगी। अपनी आंखों के सामने ही दोनों मासूम बच्चियों को जिंदा जलते देखने के लिए वह विवश थी। घर के पहली मंजिल पर स्थित कमरे में आग की ऊंची उठती लपटों के बीच वह चाहकर भी अपने कलेजे के टुकड़ों को बचा नहीं सकी। दो बच्चियों की मौत से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग इस हृदयविदारक से घटना से काफी व्यथित है। गांव की महिलाओं ने पीड़ित परिवार को दिलासा दिलाया। 

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बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव परासौली निवासी इरफान की पत्नी शबाना बुधवार सुबह 11 बजे अपनी आंखों के सामने घटित हुई हृदयविदारक घटना में दोनों बच्चियों को जीवित जलते देखने को कभी नहीं भूल पाएगी। 

दरअसल, दोनों बच्चियों मायनूर व सोफिया को दूध पिलाकर बेड पर सुलाने के बाद वह कमरे के बाहर ही काम करने लगी। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट से कमरे में आग लगी, जिसने बेड को चपेट में ले लिया। बेड पर गर्म कपड़े होने से आग बेहद तेजी से फैली कि शबाना को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। दोनों बच्चियों की चीख निकलने पर उसे आग लगने का पता चला।

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इसके बाद शबाना कमरे में झपटी और कमरे में फर्श पर खेल रही तीसरी बच्ची एक साल की माहिरा को बमुश्किल बाहर खींचकर उसकी जान तो बचा ली, लेकिन बेड पर जिंदा जल रहीं दोनों बच्चियों तक चाहकर भी नहीं पहुंच पाई। मां ने शोर भी मचाया, लेकिन जब तक मदद पहुंचती, तब तक दोनों मासूम बहनें मौत के मुंह में समा चुकीं थीं। अपनी ही आंखों के सामने दोनों मासूमों को जिंदा जलते देखने को अभिशप्त मां शबाना लगातार उस मंजर को याद कर बिलख रही है, जिसे बमुश्किल गांव-परिवार की महिलाएं दिलासा देने की कोशिश कर रहीं थीं। 

करीब दो घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
गांव परासौली में घर में आग लगने की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को दी, लेकिन दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में करीब डेढ़ बज गया। दरअसल, बुढ़ाना क्षेत्र में आग लगने की स्थिति में दमकल विभाग की गाड़ियां मुख्यालय से ही रवाना की जाती हैं, जिसके चलते अधिकांश मौकों पर फायर ब्रिगेड समय से घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाती। यही स्थिति बुधवार को परासौली में भी नजर आईं, जहां सूचना के बावजूद दमकल विभाग को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब दो घंटे से अधिक का समय लग गया। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कस्बे में ही दमकल विभाग की कोई व्यवस्था किए जाने की मांग की है।

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