मुजफ्फरनगर और शामली जिले में कई पंचायतें हुई, जिनमें मुकदमों में फंसे बेगुनाहों को मुक्त करने की मांग रखी गई। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान की पहल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ में आमंत्रित किया। पांच फरवरी को एनेक्सी में सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले को गंभीरता से सुना। आगजनी, लूट, डकैती, बलवा, तोड़फोड़, प्रदर्शन के मामलों में फंसे ग्रामीणों को न्याय देने की मांग रखी गई। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह लिसाढ़, लांक के थांबेदार राजवीर सिंह, अहलावत खाप के चौधरी गजेंद्र सिंह अहलावत, जाट महासभा के राष्ट्रीय सचिव सुभाष चौधरी तथा शामली जाट महासभा के अध्यक्ष प्रताप चौधरी आदि ने सांसद डॉ बालियान के साथ सीएम के समक्ष पीड़ितों का दर्द रखा। सीएम ने दर्ज मुकदमों की सत्यता को जांचने और मौजूदा वस्तुस्थिति की रिपोर्ट तलब करने का निर्णय ले लिया है। योगी सरकार के इस कदम पर विपक्षी पार्टियों में हलचल मची है।
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