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मुजफ्फरनगर दंगे के गवाह की गोली मारकर हत्या, पुलिस को गुमराह करने को घटनास्थल पर डाली पिस्टल

Wed, 13 Mar 2019 12:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर दंगा 2013: फाइल फोटो
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मुजफ्फरनगर दंगों में अपने दो भाइयों की हत्या के प्रत्यक्षदर्शी रहे व्यक्ति की यहां खतौली में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। मुजफ्फनगर एवं आस-पास के इलाकों में अगस्त और सितंबर 2013 में हुए साम्प्रदायिक दंगों में 60 से ज्यादा लोगों की जान गई थी और 40,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए थे।

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क्षेत्राधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि मामले के प्रत्यक्षदर्शी असबाब की सोमवार को खतौली में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। असबाब के भाइयों की कथित तौर पर हत्या करने के लिए आठ लोगों पर मुकदमा चल रहा है। मामले में अगली सुनवाई 25 मार्च को होनी है। कुमार ने बताया कि पुलिस गोली चलाने वाले का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। उन्होंने बताया कि असबाब की हत्या तब की गई जब वह दूध पहुंचाने जा रहा था। 

दो भाइयों की हत्या के गवाह बड़े भाई दूधिया की हत्या के पीछे पुलिस शूटरों का हाथ होना मान रही है। पुलिस का मानना है कि दूधिया की हत्या भाड़े के शॉर्प शूटरों से कराई गई है। पुलिस को गुमराह करने के लिए हमलावर घटनास्थल के पास देशी पिस्टल को डाल कर फरार हो गए। 

बरामद देशी पिस्टल से हमलावरों द्वारा गोली चलाने की भी पुलिस पड़ताल कर रही है। इस हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगा दिया है। क्राइम ब्रांच टीम व पुलिस प्रथम दृष्टया दूधिया की हत्या के पीछे भाइयों की हत्या की रंजिश को ही जांच के दायरे में रखकर पड़ताल कर रही है। मृतक के पिता अख्तर ने अज्ञात में हमलावरों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

मंसूरपुर के गांव खेड़ीतगान निवासी दूधिया असबाब पुत्र अख्तर वर्ष 2013 के दंगों के दौरान दो सगे भाइयों शाहिद व नवाब की हत्या कर देने के डर से परिवार सहित खतौली के मोहल्ला इस्लामनगर में आकर रहने लगा था।
वह अपने गांव खेड़ी तगान से दूध लाकर घंटाघर के पास स्थित अग्रवाल दूध की डेयर पर सप्लाई करता था। असबाब अपने भाइयों की हत्या में गवाह भी था। सोमवार की रात करीब आठ बजे हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दूधिया असबाब की हत्या कर दी।

दूधिया हत्याकांड का खुलासा करने को एसएसपी ने क्राइम ब्रांच की टीम को भी लगा दिया है। पुलिस का मानना है कि दूधिया की हत्या करने में शॉर्प शूटरों का हाथ हो सकता है। दूधिया की हत्या करने के लिए पहले रेकी भी की गई होगी।

हत्या के बाद घटनास्थल पर देशी पिस्टल डालकर पुलिस को गुमराह करने का काम भी किया है। भाड़े के शॉर्प शूटर ही ऐसी वारदात को अंजाम देते हैं। पुलिस दूधिया हत्याकांड के पीछे भाइयों की हत्या की रंजिश और फैसला करने का दबाव होना मानकर भी जांच पड़ताल में जुटी है।

कड़ी सुरक्षा में दफनाया गया शव
मोहल्ला इस्लामनगर में दूधिया असबाब का शव को देखकर परिवार में कोहराम मच  गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। मंगलवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद दूधिया असबाब का शव घर पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मोहल्ले की महिलाएं व लोग पीड़ित परिजनों को सांत्वना दे रहे थे। पुलिस की मौजूदगी में दूधिया के शव का परिजनों ने गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक कर दिया। परिजनों  ने आरोप है कि असबाब की हत्या  में वे ही लोग शामिल हैं, जिन्होंने  दंगों के दौरान दोनों भाई शाहिद व नवाब की हत्या की थी।

तीन माह पूर्व फैसले का दबाव बनाया था
परिजनों के मुताबिक शाहिद व नवाब की हत्या के मुकदमे में फैसले के लिए तीन माह पूर्व दबाव बनाया गया था। कचहरी में भी फैसले की बातचीत हुई थी। उस वक्त फैसला नहीं हो सका था। इसके बाद तीन चार बार हत्यारोपियों के परिजनों की ओर से फोन करके फैसले करने का दबाव बनाया गया था।

भाइयों की हत्या में मृतक असबाब की कोर्ट में  गवाही चल रही थी। 25 मार्च भी गवाही होनी थी। उधर, पुलिस का कहना है कि आठ दिन पूर्व भी मुकदमे में फैसला करने की मृतक असबाब से बातचीत हुई थी।
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दूधिया असबाब की हत्या के बाद से पीड़ित परिजन पूरी तरह से भयभीत हैं। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से अपनी जान का भी खतरा भी बताया था। एसएसपी के निर्देश पर मृतक के परिजनों की सुरक्षा के लिए पुलिस का पहरा बैठा दिया है। सोमवार की रात से ही मृतक के घर पर सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी तैनात हैं।

दूधिया असबाब हत्यकांड में सगे भाइयों की हत्या की रंजिश तथा अन्य कई बिंदुओं को दायरे में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे की   फुटेज में कैद बाइक सवारों की भी पहचान कराई जा रही है। शीघ्र की हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है - हरसरन शर्मा, इंस्पेक्टर, खतौली।
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