15 नवंबर 2016 को मंजू की जलाकर हत्या कर दी गई। पिता शाहनवाज ने मृतका के शौहर कासिम, ससुर नानूदीन और सास कुरैशा के खिलाफ बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में हुई। ट्रायल के दौरान नानूदीन की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। दोषी पति कासिम को आजीवन कारावास और छह हजार रुपये के अर्थदंड और सास कुरैशा को 12 साल की जेल और छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।