उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अस्पताल संचालकों पर नवजात शिशु को बदलने का आरोप लगाते हुए परिजनों द्वारा हंगामा करने का मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार चरथावल थाना क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव के परिवार ने क्लीनिक संचालकों पर नवजात बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने नर्सिंग होम के बाहर हंगामा किया। पीडि़त ने थाने में तहरीर दी है। रोनी हरजीपुर निवासी राज सिंह ने बताया कि अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा के चलते वह 18 फरवरी को घर से लेकर चले थे।
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बताया गया कि रास्ते में प्रसव हो गयासस और पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। बच्चा जमीन पर गिर जाने के कारण चोट लग गई थी। डॉक्टरों के सुझाव पर शहर के सदर बाजार स्थित नर्सिंग होम में बेटे को भर्ती करा दिया। उधर, पत्नी की हालत खराब होने के कारण मेरठ में उपचार कराया गया। उपचार के बावजूद 28 फरवरी को उसकी पत्नी की मौत हो गई। इस दौरान बच्चा अस्पताल में ही भर्ती रहा।
शनिवार को वह बच्चे को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए। लेकिन रात के समय पता चला कि उन्हे लड़के की जगह लड़की दे दी गई है। उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों को फोन पर जानकारी दी। रविवार को वह नर्सिंग होम पहुंचे, लेकिन उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया।
भाकियू नेता विकास शर्मा का कहना है कि बच्चा बदला गया है। प्रशासन से जांच की मांग की जा रही है। उधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि लड़की ही भर्ती कराई गई थी और लड़की ही डिस्चार्ज की गई है। आरोप बेबुनियाद है।