बताया कि शिकायत आती है, उसे लिखा जाता है। संबंधित अधिकारी से बात कर उसका निराकरण किया जाता है। कंट्रोल रूम पर आने वाले सभी नंबरों को रजिस्टर में लिखा जा रहा है। कंट्रोल रूम से जनता की ऑक्सीजन, बेड, दवा आदि सभी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। अचानक व्यवस्था में हुए बदलाव को देखकर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक, विक्रम सैनी, प्रमोद ऊटवाल अफसरों का मुंह ताकते रह गए।
कंट्रोल रूम को देख हतप्रभ रह गए संजीव बालियान
कोविड कंट्रोल रूम को लेकर जब केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ, संजीव बालियान से बात हुई, तो उन्होंने कहा कि हम तो इस कंट्रोल रूम को देख के ही हतप्रभ रह गए। चलो कोई बात नहीं, प्रशासन ने अब इतना अच्छा बना दिया है तो यह चलना चाहिए। अगर यह निरंतर चलता रह तो जनता की आधे से अधिक समस्याओं का निराकरण तो यहीं से हो जाएगा।
इंटरनेट चलने पर अफसरों ने राहत की सांस ली
मुजफ्फरनगर मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर जैसे ही पुलिस लाइन में उतरा तो कोविड कंट्रोल रूम का इंटरनेट बंद हो गया। रोडवेज के पास लाइन में फाल्ट हो गया। प्रशासन की सारी तैयारियों पर अचानक पानी फिरने की स्थिति बन गई। बड़ी तेजी के साथ अफसरों ने एनआईसी से इंटरनेट की लाइन कंट्रोल रूम में जुड़वाई। जैसे ही मुख्यमंत्री ने कंट्रोल रूम में कदम रखा इंटरनेट चल गया। यहां मौजूद अफसरों ने राहत की सांस ली।