उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में खतौली की शराफत कॉलोनी में 16 साल पहले छह हजार रुपये के विवाद में भाई-बहन पर किए गए जानलेवा हमले में एक अभियुक्त को सात साल कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने फैसला सुनाया।
एडीजीसी परविंद्र ने बताया कि वादी कल्लू ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसके भाई शाहिद ने मोहल्ले के ही युसूफ को भैंस बेची थी। युसूफ पर छह हजार रुपये बकाया थे। तकादा करने पर विपक्षी रंजिश रखने लगे। दो अगस्त 2006 शाहिद अपनी बहन नवाबन के घर बैठा हुआ था।
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इसी दौरान विपक्षी युसूफ पक्ष ने शाहिद पर हमला कर दिया। बीच-बचाव के लिए आई नवाबन पर धारदार हथियारों से वार किए गए, जिस कारण वह गंभीर घायल हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-13 में हुई। अभियुक्त युसूफ पर दोष सिद्ध हुआ। धारा 308 में सात साल और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 452 में तीन साल और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 324 में दो साल का साधारण कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।