धरना प्रदर्शन करतीं मुस्लिम महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर के देवबंद में मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले चल रहा सीएए विरोधी धरना प्रदर्शन 50वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी महिलाओं ने पचास दिन पूरे होने पर कहा कि इस दौरान न जाने कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कदम पीछे नहीं हटाए। उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार सीएए को वापस नहीं ले लेती।
ईदगाह मैदान में देवबंद सत्याग्रह के नाम से चल रहे आंदोलन में लखनऊ से पहुंचीं जन महिला समिति की अध्यक्ष सरोज वर्मा ने कहा कि सीएए के विरोध में देशभर में चल रहे आंदोलन जनता को संविधान के प्रति जागरूक करने का माध्यम बन चुके हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह जनता की आवाज को सुने और समस्या का समाधान निकाले।
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वहीं मधु गर्ग ने कहा कि राजनीति के तहत इन आंदोलनों को धार्मिक रूप दिया जा रहा है, जबकि सब जानते हैं कि इनमें सर्वधर्म के लोग शामिल हो रहे हैं, साथ ही इससे यह भी साबित हो जाता है कि यहां के नागरिकों के लिए देश और संविधान से बड़ा कोई नहीं है।
इसके अलावा मुंबई से आईं समाजसेवी आयशा और महफूजा ने संयुक्त रूप से कहा कि देवबंद सत्याग्रह महिला शक्ति का जीता जागता सबूत है और संविधान की रक्षा के लिए शुरू किए गए यह आंदोलन भविष्य में इतिहास का हिस्सा बनेंगे। जैनब अरशी ने कहा कि सरकार को देश की जनता की आवाज सुननी पड़ेगी और काले कानून को वापस लेना पड़ेगा। अरशी अंसारी आदि ने भी विचार रखे।
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