26 जुलाई 2014 में हुआ था दंगा, 26 फरवरी 2020 में निपटा मामला
गुरुद्वारा रोड स्थित धार्मिक स्थल के विवाद को लेकर 26 जुलाई 2014 को दंगा हो गया था। मुस्लिम समाज ने जमीन मस्जिद की होने का दावा किया था। वहीं, सिक्ख समाज का दावा था कि भूमि गुरु सिंह सभा की है, जिसके सभी दस्तावेज हैं।
इस विवाद को लेकर हुए दंगे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और अंबाला रोड पर सैंकड़ों दुकानों को फूंक दिया गया था। शहर के कई जगहों पर आगजनी हुई थी, जिसमें करोड़ों का नुकसान हुआ था और कई लोग घायल हुए थे। शहर में आठ दिन कर्फ्यू लगा रहा था।
इस मामले को लेकर एक वर्ष से प्रशासन की मध्यस्ता में सिक्ख और मुस्लिम समाज के बीच वार्ता हुई और लिखित समझौता हुआ, जिसे कोर्ट में दाखिल किया गया। इसके साथ ही दोनों पक्षों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापिस लेने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
26 फरवरी को गुरुद्वारा रोड स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में तत्कालीन जिलाधिकारी आलोक कुुमार पांडेय और एसएसपी दिनेश व सिक्ख एवं मुस्लिम समाज ने पत्रकार वार्ता कर समझौते का खुलासा किया। इसके साथ ही विवादित स्थल पर गुरुद्वारे के निर्माण के लिए निशान साहिब की स्थापना की गई।