दो लाख की लागत वाले प्रोजेक्ट पर एक लाख की सब्सिडी दे रही सरकार
जिला उद्यान विभाग की ओर से सात नई इकाइयों के प्रस्ताव शासन को भेजे
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जनपद के युवाओं का रुझान अब मशरूम की खेती की तरफ बढ़ रहा है। कम जगह में बेहतर उत्पादन और सरकार की अनुदान सुविधा ने मशरूम यूनिट को युवाओं के लिए रोजगार का नया विकल्प दिया है। राष्ट्रीय एकीकृत बागवानी मिशन योजना के तहत मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं का लाभ लेकर युवा खेती के साथ उद्यमिता की राह पर हैं। जिला उद्यान विभाग ने इस बार सात नई मशरूम इकाइयों के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं।
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि छोटे स्तर पर मशरूम उत्पादन के लिए करीब 30 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है। इसके लिए सितंबर से 15 मार्च तक का समय उपयुक्त रहता है। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से इस वर्ष तीन लो कॉस्ट मशरूम यूनिट लगाने का लक्ष्य मिला था। युवाओं की मांग को देखते हुए विभाग ने इसके अतिरिक्त तीन और लो कॉस्ट यूनिट तथा चार हाईटेक मशरूम यूनिट के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद मेरठ में मशरूम उत्पादन का दायरा बढ़ जाएगा।
हाईटेक यूनिट पर 12 लाख का अनुदान
-मशरूम कल्टीवेशन हाईटेक यूनिट के लिए शासन ने इस परियोजना की लागत सीमा को 20 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दिया है। परियोजना के लिए ऋण सुविधा के साथ 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इससे अधिकतम अनुदान की राशि आठ लाख से बढ़कर 12 लाख रुपये हो गई है। 200 वर्ग फीट में छोटे स्तर पर उत्पादन करने वालों के लिए लो कॉस्ट मशरूम प्रोडक्शन यूनिट खास आकर्षण बन रही है।
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