बता दें कि छात्रा के पिता की 11 साल पहले मौत हो गई थी। बताया गया कि घर में सात बहन-भाई हैं। बड़े भाई ने घर की जिम्मेदारी संभाली हुई है और वह अपने एक भाई और बहन को अफसर बनाना चाहता है। वह भाई को आईपीएस की तैयारी करा रहा है तो वहीं उसकी छोटी बहन पीसीएस की तैयारी कर रही थी। बताया यह भी गया कि वह पिछली बार इंटरव्यू में सिर्फ दो नंबर से चूक गई थी। उसने पूरी उम्मीद के साथ फिर से तैयारी शुरू की।
वहीं इस बार उसके भाई को पूरा भरोसा था कि वह पास होकर पीसीएस अफसर बनेगी, लेकिन दरिंदों ने बहन का सपना पूरा होने से पहले ही उसे मौत की नींद सुला दिया। परिजनों ने बताया कि वह हमेशा बोलती थी कि भैया आपका त्यान बेकार नहीं जाने दूंगी, मैं पीसीएस अफसर बनकर दिखाऊंगी। इसी 28 अक्टूबर को छात्रा को पीसीएस की परीक्षा देने थी। इस वारदात के बाद भाई सदमे में है।
शराब पीकर आरोपियों ने कई घटों तक युवती से दरिंदगी की हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर में कई जगह चोट के निशान मिले हैं। अंदेशा जताया है कि युवती को नशे का इंजेक्शन दिया गया या फिर जबरन कोई नशीला पदार्थ दिया गया है। पुलिस की मौजूदगी में शाम पांच बजे युवती का पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद परिजन शव को मवाना क्षेत्र अपने गांव में ले गए। जहां पर गमगीन माहौल में परिजनों ने युवती के शव का अंतिम संस्कार कराया। पुलिस ने बताया कि दोपहर को युवती ने फोन पर अपने भाई से बात की थी। युवती घबराई थी और कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के शरीर में नशीला पदार्थ होने की संकेत मिले हैं। पुलिस इसकी गहनता से जांच करने में जुटी है।
आरोपी बोला, हां, मैंने की हत्या
एसपी सिटी रणविजय सिंह, एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने इस वारदात का शुक्रवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। आरोपी लाखन को पत्रकारों के सामने बुलाया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लाखन ने युवती का अपहरण, दोस्त मोनू के साथ गैंगरेप और फिर उसकी गला घोटकर हत्या कर दी। प्रेसवार्ता में आरोपी ने अपना जुर्म कबूला। आरोपी ने प्रेसवार्ता में बताया था कि उसने युवती से रेप करने से पूर्व शराब पी थी। युवती के चीखने चिल्लाने का उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा। युवती उनकी करतूत परिजनों को बता देगी, इस डर से युवती की गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी मेघदूत पुलिया के पास दर्शायी है। एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
28 अक्टूबर को फिर देनी थी परीक्षा
परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी दो बार पीसीएस की परीक्षा दे चुकी थी। अब 28 अक्टूबर को परीक्षा देनी थी। जिसकी वह तैयारी कर रही थी। छात्रा के कान में परेशानी थी, इलाज मूलचंद नर्सिंग होम में चल रहा था।
तीन दिन चक्कर काटता रहा परिवार
पहले पुलिस मामला दर्ज कराने आने वाले को टरकाने का ही काम करती रही। बुधवार को युवती का भाई सिविल लाइन पुलिस के पास पहुंचा, अनहोनी की आशंका जतायी और साले पर शक भी जताया। यदि पुलिस उसी समय मामले को गंभीरता से लेती तो बुधवार रात को ही वारदात का खुलासा हो जाता। परिवार का कहना है कि पुलिस ने उनकी एक भी नहीं सुनी। आरोपी ने अगवा करने वाले दिन ही युवती की हत्या कर दी थी। पुलिस गंभीर हो जाती तो युवती का शव उसी दिन मिल जाता।
शव मिला, हरकत में आई पुलिस
परिवार खुद ही तीन दिन तक लापता बेटी को खोजता रहा। परिजन थाने के चक्कर काटते रहे। पुलिस कहती रही कि युवती खुद ही आ जाएगी। आरोपी लाखन को एक बार बुलाया पर बिना कुछ कहे सुने भेज भी दिया। शव मिलने पर पुलिस हरकत में आई। पीड़ित परिवार ने बताया कि इस घटना में पांच लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस दो लोगों को ही वारदात में शामिल बता रही है।
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