सीओ किठौर बृजेश कुमार के अनुसार, परिजनों से पूछताछ की गई। मृतक आमीन की बहन मोहसिना शादीशुदा थी, लेकिन पिछले सात माह से मायके में रह रही थी। पूछताछ में मोहसिना ने अपने पास कोई फोन होना नहीं बताया, लेकिन जब सीडीआर निकाली तो उसके पास एक फोन मिला।
जांच में सामने आया कि मोहसिना कई-कई घंटे गांव के ही सारिक पुत्र हाजी यूसुफ से बात करती थी। पुलिस ने मोहसिना व सारिक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। सारिक ने बताया कि बख्शी के बड़े बेटे की दुर्घटना में मौत होने के बाद उसे काफी पैसा मिला था और उस पैसे से बख्शी आए दिन शराब पीता था।
आमीन पिता को रोकता था तथा उसके साथ मारपीट भी करता था। जिसके लिए मोहसिना ने सारिक से बात कर आमीन को रास्ते से हटाने के लिए कहा। 13 मार्च को सारिक, आमीन को अपने साथ ले गया तथा उसे शराब पिलाई।
नशा होने पर सारिक ने चाकू से उसकी गर्दन काट कर हत्या कर दी तथा शव मिट्टी में दबा दिया। शनिवार को पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ मोहसिना व सारिक को गिरफ्तार कर लिया।