घटनाक्रम के संबंध में बुढ़ाना कोतवाली के गांव टांडा माजरा निवासी कृपाल सिंह ने बताया कि सात वर्ष पूर्व उसने अपनी बेटी पूनम का विवाह गांव बोपाड़ा के विवेक के साथ किया था। शादी में गाड़ी के अलावा भरपूर दान दहेज देकर बेटी पूनम की डोली को विदा किया था। पिता ने बताया कि पूनम को सात साल बाद भी कोई औलाद नहीं हुई, जिसको लेकर पति, सास व ससुर तथा जेठ पूनम को तंग करते थे। इस बारे में कई बार पूनम ने उसको भी बताया था। इसलिए पति विवेक ने बच्चा नहीं होने पर पूनम की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद, रविवार को पुलिस ने मृतका के पिता को उसका शव सुपुर्द कर दिया था। अभागे पिता ने जिस आंगन से अपनी बेटी की डोली विदा की थी, उस विवाहिता बेटी का शव लेकर उसी आंगन में पहुंचा। गांव टांडा माजरा में विवाहिता का शव पहुंचने पर मायके में कोहराम मच गया। मायके वालों ने गमगीन माहौल में शव का रविवार को अंतिम संस्कार कर दिया।
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