सहारनपुर में नगर कोतवाली क्षेत्र में यूपी डायल 100 की गाड़ी पर तैनात सिपाही ललित की सोमवार देर रात गला दबाकर हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हो गई है। पुलिस ने उसकी कांस्टेबल प्रेमिका पर हत्या की आशंका जताते हुए उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि महिला कांस्टेबल को शादी करने से रोकने पर उसने ललित की हत्या की है। सिपाही के परिजनों ने महिला कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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बागपत के ग्राम नगला जाफराबाद निवासी ललित की लगभग 6 साल पहले शादी हुई थी और उसके चार साल का एक बेटा भी है। दो साल पहले ही सहारनपुर में ललित की तैनाती हुई थी। वह इस समय डायल 100 पर तैनात था। पत्नी और बेटा गांव में ही रह रहे थे, जबकि ललित सहारनपुर में अकेला ही रह रहा था। उसी समय बागपत के ही ग्राम बाघू निवासी कांस्टेबल रश्मि को भी यहां तैनाती मिली। फिलहाल वह गागलहेड़ी थाने पर तैनात है। बताया जा रहा है कि पास के गांव के होने के कारण उन दोनों में जान पहचान हो गई। दोनों मोहल्ला हकीकत नगर में रह रहे था। 17 अप्रैल को दोनों ने मोहल्ला चर्च कंपाउंड में किराए का दूसरा मकान लिया और वहां पर 17 अप्रैल को अपना सामान लेकर शिफ्ट हो गए।
...जब वह वहां पहुंचे तो ललित बेसुध पड़ा था
सिपाही ललित के परिजन
17 अप्रैल को सामान शिफ्ट करने के बाद ललित ड्यूटी पर चला गया और रात लगभग 8 बजे वह ड्यूटी करके नए कमरे पर पहुंचा। उसने अपनी मोटरसाइकिल मकान के बाहर ही खड़ी कर दी। रात लगभग साढ़े दस बजे मोहल्ले के एक व्यक्ति ने वहां रह रहे अन्य किराएदारों से बाइक मकान के बाहर खड़ी होने के बारे में पूछा और उसे अंदर करने के लिए कहा। तो वहां रह रहे किराएदार अजीत और अश्वनी ने आवाज लगाकर ललित को बाइक अंदर करने के लिए कहा। ललित की आवाज तो नहीं आई, लेकिन सामने के कमरे में रहने आई रश्मि ने कहा कि वह ललित को बाइक अंदर करने के लिए भेज रही है। थोड़ी ही देर में रश्मि ने अजीत, अश्वनी एवं एक अन्य युवक को आवाज लगाई कि ललित की तबियत खराब हो गई है, वह उठ नहीं पा रहा है, ऊपर आकर जरा उसकी हालत देखें। जब वह वहां पहुंचे तो ललित बेसुध पड़ा हुआ था।
उन्होंने उसकी हालत गंभीर बताई, तो रश्मि उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची। वहां उसने बताया कि ललित ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने ललित को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही ललित के परिजन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ललित की हत्या की आशंका जताई और रश्मि पर ही हत्या का आरोप लगाया। पुलिस को भी आशंका है कि रश्मि को शादी से रोकने पर ही उसकी हत्या हुई है। रश्मि की शादी मेरठ में तय हुई थी। रश्मि शादी करना चाहती थी, लेकिन ललित उसे मना कर रहा था। सिपाही ललित की हत्या के मामले में मृतक ललित के बड़े भाई संजय कसाना ने महिला कांस्टेबल रश्मि पर हत्या का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
रश्मि ने ललित को दिलाया था अपने साथ मकान
आरोपी रश्मि
पहले दोनों हकीकत नगर में अलग-अलग किराए के मकान में रहते थे और दोनों का एक दूसरे के घर बहुत आना जाना था। दोनों ही लोगों को एक दूसरे का रिश्तेदार बताते थे। जबकि दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिस पर वहां लोगों ने आपत्ति की। इसके बाद रश्मि ने चर्च कंपाउंड में किराए पर एक मकान तलाश कर लिया। जिसमें आमने-सामने दो कमरे थे। उसने ही मकान मालिक से अपने और ललित के लिए किराए पर कमरा तय किया था। उसने मकान मालिक को बताया था कि उसकी तो 24 अप्रैल को शादी होने जा रही है, इसलिए वह तो एक महीने के लिए अपने घर जा रही है। ललित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ यहां रहेगा। रश्मि और ललित दोनों ही एक साथ 17 अप्रैल को अपना सामान लेकर कमरे में पहुंच गए थे। रश्मि छुट्टी होने के कारण अपना सामान लगा रही थी, जबकि ललित ड्यूटी पर चला गया।
एसएसपी लव कुमार ने बताया कि दोनों ने 17 अप्रैल को ही पहली मंजिल पर दो कमरों का मकान किराए पर लिया और शिफ्ट किया था। नीचे रहने वाले किराएदारों ने बताया कि दोनों के आने के बाद घर में कोई नहीं आया। जिस कारण पुलिस को रश्मि पर ही हत्या का संदेह है। अभी पूछताछ की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ हत्या का खुलासा
महिला कांस्टेबल रश्मि ने परिजनों और डाक्टरों के साथ अपने अधिकारियों को भी ललित द्वारा कोई जहरीला पदार्थ खाने के बारे में बताया, लेकिन पुलिस ने जब ललित का पोस्टमार्टम कराया तो गला दबाकर हत्या किए जाने का खुलासा हुआ।
सिपाही की हत्या, 24 घंटे पूछताछ, नतीजा सिफर
पुलिस अपनी ओर से पूरी तरह से आश्वस्त है कि हत्या रश्मि ने ही की है। रश्मि से पुलिस ने 24 घंटे तक पूछताछ भी की, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। पुलिस न तो हत्या कबूल करा सकी और न ही हत्या का कारण ही उससे उगलवा सकी।
पुलिस की पूछताछ में तो बड़े बदमाश भी चुप्पी तोड़ देते हैं, लेकिन 24 घंटे हिरासत में रखने के बाद भी पुलिस हत्या के बारे में रश्मि से कोई संतोषजनक जवाब हासिल नहीं कर सकी। इसे पुलिस की नाकामी माना जाए, या फिर पुलिस कुछ छिपाने का प्रयास कर रही है। यह भी चर्चा है कि पुलिस को रश्मि ने ऐसा कुछ बताया है कि पुलिस उसको सार्वजनिक नहीं करना चाहती, जिससे रश्मि को इसका लाभ मिल जाए। चूंकि रश्मि को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, इसलिए उसे जेल भेज दिया गया है। अब पूछताछ के नाम पर अधिक हुआ तो उसे कोर्ट से रिमांड पर लिया जाएगा और फिर से पूरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हो सकता है कि इस दौरान पुलिस या फिर रश्मि कोई ऐसी कहानी तैयार कर ले, जिससे इस हत्याकांड की सुई कहीं और ही घूम जाए। पुलिस किसी और पर भी इस घटना को खोलकर इसे अंजाम तक पहुंचा दे। पुलिस की इस कार्यशैली से सवाल यह उठ रहा है यह हत्याकांड खुल भी पाएगा या नहीं ।