पुलिस को जानकारी देते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद परिजनों ने खुद ही लापता की तलाश में जंगलों की खाक छानी, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे घास काटने वाली महिलाओं की नजर नाले में पड़े शव पर पड़ी, तो सन्न रह गईं। यह खबर आसपास इलाके में आग की तरह फैल गई। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नाले से बाहर निकाला। सूचना पर परिजन भी आ गए। शव की पहचान परिजनों ने हर्ष के रूप में की। मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुबह करीब 11 बजे भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जाम लगाकर प्रशासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। रोहाना-मुख्यमार्ग पर जाम लगाने के बाद जिले से सीओ सदर, एसडीएम सदर, छपार, तितावी से फोर्स मौके पर पहुंच गई। मृतक की मॉ ममतेश ने बेटे की हत्या के पीछे पुलिस पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया। सीओ रिजवान अहमद ने महकमे पर आरोप के बाद खुद खेद जताते हुए गुस्साए लोगों को शांत किया।
वहीं एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र ने मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री बीमा सहायता ये अनुदान दिलाने के लिए मौके पर लेखपाल को रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद दोपहर में करीब दो बजे जाम खुला, तब पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जाम के कारण दोनों तरफ करीब एक किलोमीटर वाहन जाम में फंस गए।
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