पीड़ितों को आर्थिक मदद देते अतुल प्रधान।
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पुलिस-प्रशासन और राजनीतिक दल के नेताओं की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद से लेकर आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, तब जाकर महिला के शव का अंतिम संस्कार हुआ। विधायक अतुल प्रधान ने पीड़ित परिवार की पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से फोन पर बातचीत कराई। अखिलेश ने तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही। वहीं नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी वीडियो कॉल कर पीड़ित परिवार से बात की। दिनभर कपसाड़ गांव में तनाव के हालात थे।
कपसाड़ गांव में पीड़ितों से मिलने पहुंचे संजीव बालियान।
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बृहस्पतिवार रात 12 बजे जब सुनीता का शव गांव पहुंचा तब से वहां कोहराम मचा हुआ था। परिजनों ने प्रशासन से दो टूक कह दिया था कि जब तक बेटी बरामद नहीं होगी वे सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। शुक्रवार को दिनभर पुलिस प्रशासन के अधिकारी सुनीता के परिजनों से वार्ता करते रहे। कई बार परिजनों और ग्रामीणों की अफसरों से नोकझोंक भी हुई।
देर शाम एसपी देहात अभिजीत कुमार, एडीएम सिटी बृजेश सिंह, एसडीएम उदय नारायण सेंगर, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी व भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार को रूबी को 48 घंटे बरामद कर आरोपियों पर कार्रवाई करने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी समेत पांच बड़े आश्वासन दिए। साथ ही प्रशासन ने 10 लाख का चेक भी सौंपा। उसके बाद रात करीब पौने आठ बजे सुनीता का अंतिम संस्कार हो सका। बेटे नरसी ने मुखाग्नि दी।
ठाकुर संगीत सोम पूरे दिन गांव में मौजूद रहे।
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ये है मामला
बृहस्पतिवार सुबह सुनीता अपनी बेटी रुबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। गांव के ही पारस सोम, सुनील और उनके साथियों ने घात लगाकर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने सुनीता पर फरसे से वार कर दिया था और उनकी आंखों के सामने ही रूबी का अपहरण कर फरार हो गए थे। उपचार के दौरान मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल में सुनीता ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ भी की।
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