लाला मोहम्मदपुर में हत्या के बाद मौके पर विलाप करते परिजन और जमा भीड़।
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कंकरखेड़ा के लाला मोहम्मदपुर गांव में दुल्हैंडी पर दो पक्षों में हुए संघर्ष में दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। दो लोगों को गोली लगने की जानकारी लगते ही गांव में सांप्रदायिक तनाव हो गया। लोगों ने आरोपी के घर पर पथराव करते हुए बाहर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए आगजनी का प्रयास किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर मामला किसी तरह शांत कराया। तीन आरोपियों को हिरासत में लेते हुए एहतियातन गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
पुलिस के अनुसार गांव में परचून की दुकान चलाने वाले हर्षवर्धन उर्फ उमेश गुप्ता का गांव के ही अरुण सैनी से काफी दिनों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष के लोग दुल्हैंडी पर शराब पीकर हुड़दंग मचा रहे थे। सुबह से दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से गालीगलौज कर रहे थे। तीन बार ग्रामीणों ने इनका बीचबचाव कराया। आरोप है कि दोपहर को अरुण सैनी पक्ष के एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने लाठी डंडे लेकर हर्षवर्धन के घर पर हमला बोल दिया।
जिस पर हर्षवर्धन ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। जिसमें एक गोली हर्षवर्धन की दुकान पर नौकरी करने वाले हसन (57) पुत्र मजीदा के सीने में लगी। जबकि दूसरी गोली वहां खड़े फिरोज के पैर में लगी। हसन की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे समुदाय के दो लोगों को गोली मारने की सूचना पर गांव में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उधर इसकी सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी डीसी दूबे और एडीएम सिटी एसके दूबे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पुलिस फोर्स और पीएसी लेकर गांव में पहुंचे। उस समय भीड़ हर्षवर्धन के घर के बाहर जमा थी। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया।
वफादारी का यह इनाम दिया?
परिजनों और ग्रामीणों ने हसन के शव को रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों ने विलाप करते हुए हर्षवर्धन से सवाल करते हुए कहा कि हसन तो तुम्हारी दुकान पर कई साल से नौकरी कर रहा था। तुमने उसकी वफादारी का यह इनाम दिया है? पीड़ित परिवार ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
अफसरों ने परिजनों को कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन देते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर हर्षवर्धन, श्रवण कुमार व अरुण सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में ले लिया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हसन के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
क्या यही थी तैयारी?
होली का त्यौहार सौहार्दपूर्ण व भाईचारे से संपन्न कराने के दावों के बीच पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों में जुटे थे। अफसरों ने पुराने विवादों को निपटाने के भी निर्देश दिए थे, ताकि होली की आड़ में कोई रंजिश न भुना सके, लेकिन लाला मोहम्मदपुर गांव में पुलिस की निष्क्रियता के चलते एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई। आखिर इस हत्या का जिम्मेदार कौन है? हर्षवर्धन व अरुण गांव में संपन्न लोग हैं। दोनों ने ही सुबह से अपने घर पर शराब पिलानी शुरू कर दी, लेकिन पुलिस ने इसका संज्ञान नहीं लिया।