रूपम एम्पोरियम के मालिक योगेश वर्मा की बेटी और पत्नी समेत मौत के कारण रहस्य के घेरे में हैं। पोस्टमार्टम हाउस से जुड़े सूत्र मां-बेटी से रेप की तरफ इशारा कर रहे हैं। लेकिन, इसकी पुष्टि के लिए अभी फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है। इस सनसनीखेज मामले में अभी कई सवाल अनसुलझे हैं। जिनके जवाबों में इस केस की अहम कड़ी जुड़ी है। पुलिस यदि गहनता से जांच करती है तो चौंकाने वाला सच सामने आ सकता है।
शास्त्रीनगर सेक्टर-2 निवासी योगेश वर्मा, उसकी पत्नी बरखा और बेटी सनाया की मौत को दो दिन बीत चुके हैं। पुलिस अफसर प्रारंभिक तौर पर इसे आम घटना मानते हुए आत्महत्या के मामले से जोड़कर चल रहे हैं। इसका आधार पुलिस अफसरों ने योगेश द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट को भी बनाया। यह भी कहा कि योगेश ने खुद को साबित नहीं कर पाने की हताशा में आकर पहले अपनी पत्नी और बेटी को जहर दिया और फिर खुद भी जान दे दी। लेकिन, जिस तरह से इस दंपति और योगेश के परिवार का स्टेटस और उनसे जुड़ी बातें सामने आ रही हैं, उससे इस केस के अब हाई प्रोफाइल होने के साथ ही इन तीन मौतों का रहस्य और गहराता जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उलझाई गुत्थी
पूरे प्रकरण को बरखा और सनाया के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बुरी तरह उलझा दिया। रिपोर्ट में रेप की तरफ इशारा किए जाने और स्लाइड बनाने के बाद से जांच के कई नए बिंदु खड़े हो गए हैं। हालांकि, अभी फाइनल रिपोर्ट से ही इसकी पुष्टि हो पाएगी। लेकिन, कहीं न कहीं यदि यह इशारा सही दिशा में जाता है तो इसका खुलासा और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। पुलिस के एक अधिकारी की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामला अलग तरह का हो गया है। स्लाइड और बिसरा को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) आगरा भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद कुछ हद तक इस केस की तस्वीर साफ होगी।
पुलिस की खामोशी की क्या वजह
नौचंदी पुलिस की खामोशी और जांच का स्तर भी सवालों के घेरे में है। मौके से मिले साक्ष्यों को पुलिस ने अभी जांच में साझा नहीं किया है। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने योगेश के फ्लैट के किचन से दो कप, बेडरूम से लैपटॉप, सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और कई जगह से फिंगर प्रिंट उठाए। लेकिन, अभी तक इनसे कोई क्लू न मिलने की बात कही है। यह भी सामने नहीं आया है कि बरखा और सनाया की मौत किस जहरीले पदार्थ से हुई। इस घटना से पहले योगेश और बरखा आखिरी बार किससे मिले या किससे फोन पर बात की। योगेश ने जो सुसाइड नोट छोड़ा, क्या वह उसी की हैंडराइटिंग में था। अहम सवाल यह भी कि सुसाइड नोट में योगेश ने कोई पुलिस केस न करने पर क्यों जोर दिया। योगेश जिस अपार्टमेंट में रहता था, उसके पड़ोसियों और कॉलोनी के लोगों से भी पुलिस ने सच जानने की कोशिश नहीं की। कहा यह भी जा रहा है कि पुलिस इसे बेवजह का झंझट मानकर केस को आत्महत्या बताने पर तुली है। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि पुलिस को कहीं न कहीं इन तीनों मौतों के कारणों की गहरी जानकारी है, इसलिए खामोश है।
ये हैं अनसुलझे सवाल
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इशारे से क्यों कतरा रही पुलिस
- बरखा और सनाया की मौत में किस जहर का प्रयोग हुआ
- क्या योगेश ने यह सब हताशा में किया या इसके पीछे कोई और है
- बरखा जब मुंबई से लौटी तो सीधे अपने फ्लैट पर क्यों नहीं गई
- लैपटॉप और मोबाइल कॉल डिटेल में पुलिस को क्यों कुछ नहीं मिला
- रसोई में सिर्फ दो कप ही क्यों मिले, जबकि योगेश अक्सर तीनों के लिए चाय बनाता था
- सनाया अगर योगेश की लाड़ली थी, तो उसे जहर देकर क्यों तड़पाया
- योगेश अगर चाहता तो फांसी के बजाय खुद भी जहर का सेवन कर सकता था
- पुलिस ने योगेश और बरखा के सर्किल में अभी तक क्यों झांकने की कोशिश नहीं की
- पड़ोसियों ने योगेश को बुधवार शाम तक घबराहट और हड़बड़ाहट में देखा, इसका क्या राज था