मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में नौ जुलाई को हत्या की गई थी। तत्कालीन जेलर यूपी सिंह समेत चार जेल अधिकारी और कर्मचारी निलंबित कर दिए गए। वारदात में सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर सुनील राठी ने मुन्ना बजरंगी की हत्या क्यों की। मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में पुलिस अभी तक हत्या की वजह भी तलाश नहीं कर सकी है। सुपारी देकर हत्या कराने, बजरंगी की उत्तराखंड में प्रापर्टी के धंधे में बढ़ती गतिविधियां, पूर्वांचल की जेल में बंद रहने के दौरान राठी के भाई अरविंद राठी के साथ मारपीट समेत अन्य बिंदुओं पर पुलिस की जांच चल रही है, लेकिन राठी ने बजरंगी को गोली क्यों मारी, इसकी वजह पुलिस को नहीं मिली है।
जेलर ने कराया था मुकदमा दर्ज
जेलर यूपी सिंह ने खेकड़ा थाने में सुनील राठी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। जेलर का कहना था कि वह अपने ऑफिस में बैठे थे, इस बीच गोलियां चलने की आवाज आई। सुनील राठी ने बजरंगी की हत्या की।
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पुलिस अभी तक इस बात का पता भी नहीं लगा सकी है कि जिला कारागार में पिस्टल कैसे पहुंची। सुनील राठी ने हत्या के बाद कहा था कि बजरंगी खुद ही पिस्टल लेकर पहुंचा था। लेकिन पुलिस की तमाम जांच के बावजूद यह सवाल अभी भी अधूरा है। इसके अलावा जेल परिसर में मिले तीसरे स्टूल का राज क्या है इसका भी अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। दरअसल, परिसर में तीन स्टूल मिले थे। बताया जा रहा था कि एक स्टूर पर सुनील राठी तो दूसरे पर मुन्ना बजरंगी बैठा था लेकिन तीसरे स्टूल पर कौन बैठा था ये कोई नहीं जानता।
इसके कुछ ही दिन बाद वेस्ट यूपी के शातिर अपराधी ऊधम सिंह ने स्वीकार किय था कि मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या कराने में उनके गैंग का हाथ रहा है। इस मामले में पुलिस जांच में भी यह साफ हुआ है कि कुख्यात राठी के विश्वासपात्र 15 शूटर और गुर्गे अभी भी उत्तराखंड व यूपी में फैले हुए हैं और उसके अपराध जगत के कारोबार को चला रहे हैं।
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो यूपी पुलिस को कुख्यात राठी के बागपत जेल में रहते हुए फोन पर उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में की गई बातचीत के कई अहम सबूत मिले हैं। जांच के मुताबिक राठी के ये गुर्गे और शूटर मुन्ना बजरंगी की हत्या से पूर्व उसके संपर्क में थे और उसके द्वारा दिए गए आदेश को अंजाम तक पहुंचा रहे थे।
बहरहाल रंजिश, सुपारी या अपराध की दुनिया में वर्चस्व की जंग हत्या की वजह रही या फिर कुछ और। वारदात की साजिश कब और किस-किसने रची। क्या सुनील राठी सिर्फ मोहरा है या हत्या एक सियासी षड्यंत्र है। हत्या की वजह और वारदात में शामिल लोगों का पता लगाना तो दूर पुलिस अभी तक यह भी ठोस जानकारी नहीं जुटा पाई है कि जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा।
सुनील राठी ने कहा था कि बजरंगी ही पिस्टल लेकर पहुंचा, जबकि पुलिस ने इस बयान को भ्रमित करने वाला ही माना था। पुलिस को यह भी भनक लगी थी कि राठी के पास बागपत जेल में पहले दिन से ही पिस्टल था। पुलिस किसी भी उलझे हुए सवाल का जवाब नहीं ढूंढ़ सकी है।
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