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क्या वाकई 10 करोड़ की सुपारी देकर कराया मुन्ना डॉन का मर्डर, जांच में सामने आई नई जानकारी

Fri, 13 Jul 2018 09:03 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
फाइल फोटो

माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। माना जा रहा है कि करीब 10 करोड़ की सुपारी देकर हत्या कराई गई है। मुन्ना बजरंगी साल 2019 के लोकसभा चुनाव लड़ने की रणनीति बना रहा था। बजरंगी की पत्नी कह चुकी है कि वह चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर आरोप लगाया गया है। जौनपुर के बैंकों में बड़ी ट्रांजक्शन करने की जानकारी पुलिस को मिली है, जिसकी पड़ताल चल रही है। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि जानकारियां मिल रही हैं, जिनकी जांच की जा रही है।



मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच सिरे चढ़ने लगी है। पुलिस वारदात के तार जोड़ रही है। बजरंगी की पत्नी की ओर से दी तहरीर में आरोपी बनाए पूर्व सांसद धनंजय सिंह के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी यह मिली है कि राठी को सुपारी देकर ही हत्या कराई है। पुलिस की दूसरी जांच राठी के भाई के साथ झांसी जेल में मारपीट के बिंदु पर आगे बढ़ रही है। 

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मुन्ना बजरंगी
बजरंगी हत्याकांड में पुलिस जिन थ्योरी पर काम कर रही है, गुरुवार को उनमें से सुपारी देकर हत्या कराने के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को मिली है। बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की ओर से दी तहरीर में बसपा के पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर आरोप लगाया है। पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो धनंजय सिंह, सुनील राठी और सुपारी का लिंक होता दिख रहा है। 

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि गुरुवार को जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, इससे जल्द ही वारदात का खुलासा हो सकता है। माना जा रहा है कि पूरी वारदात में सुनील राठी को बजरंगी की सुपारी दी गई है, इसकी एक वजह यह भी है कि दोनों में पहले कोई झगड़ा नहीं था और बजरंगी राठी पर यकीन करता था। पुलिस को एक तरफ सुपारी के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी मिली और दूसरी तरफ यह भी पता चला है कि झांसी जेल में सुनील राठी के भाई अरविंद राठी के साथ मारपीट की थी। इस दौरान बजरंगी झांसी  जेल में बंद था। यहीं से राठी के मन में बजरंगी को लेकर खटास पैदा हो गई। इसके बाद अरविंद राठी को झांसी जेल से शिफ्ट करा दिया। पुलिस इस जानकारी को भी तस्दीक करने में जुटी है कि क्या हत्या की यह भी एक वजह हो सकती है। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि जल्द खुलासा होगा, जांच तेज चल रही है। हत्या के पीछे की वजह खंगाली जा रही है। सुपारी भी एक वजह हो सकती है।

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सर्विलांस पर लगे हैं कई संदिग्ध मोबाइल

फाइल फोटो
मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के बाद पुलिस ने सर्विलांस के जरिये भी छानबीन शुरू कर दी है। जिला कारागार में अंदर और बाहर से हत्या से पहले और बाद में सक्रिय मोबाइल नंबरों का डाटा खंगाला जा रहा है। संदिग्ध मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है जेल में बैठे अपराधी बाहर की दुनिया में किस-किसके संपर्क में रहते हैं। 

सोमवार को सुबह करीब सवा छह बजे मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या की गई। पड़ताल का अहम पहलू सर्विलांस भी है। रविवार की रात में करीब नौ बजे से हत्या के वक्त सुबह सवा छह बजे तक जेल के अंदर और बाहर सक्रिय मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया गया है। कई संदिग्ध नंबर सर्विलांस पर लगा दिए गए हैं। बागपत जेल में मोबाइल चलने की कई बार पुष्टि हो चुकी है। मंडलायुक्त के निर्देश पर जेल में कराई गई छानबीन में एंड्रायड मोबाइल, चाकू और नशे का प्रतिबंधित सामान मिला था। गेट पर चेकिंग में नशे का सामान कई बार मिल चुका है। जिला कारागार के आसपास वारदात के वक्त चल रहे मोबाइल नंबर वारदात की गुत्थी सुलझाने में अहम हो सकते हैं। एसपी जयप्रकाश ने कहा कि जांच चल रही है। 

मानवाधिकार आयोग को भेजी गई रिपोर्ट 
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को जेल प्रबंधन ने मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के मामले में रिपोर्ट भेज दी है। सूत्रों के अनुसार आयोग की टीम कभी भी बागपत जेल का दौरा कर सकती है। शासन के निर्देश पर जेल प्रबंधन ने मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के पहले दिन ही मानवाधिकार आयोग को अवगत कराया।

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