तीन वार्डों की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में देगा नगर निगम
मेरठ। स्वच्छता सर्वेक्षण में मात खाने के बाद नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को भी निजी हाथों में देने का फैसला किया है। पहले चरण में शास्त्रीनगर के तीन वार्ड चुने गए हैं। इन वार्डों की सफाई व्यवस्था ठेके पर रहेगी। नगर निगम संशाधन उपलब्ध कराएगा। कर्मचारी ठेकेदार के होंगे।
सफाई व्यवस्था में पीछे चल रहे शास्त्रीनगर के वार्ड 26, 53 और 61 की सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने तीनों वार्डों की व्यवस्था का प्रस्ताव बनाकर नगर आयुक्त के पास भेज दिया है। वहां से अनुमति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रस्ताव के अनुसार इन वार्डों में सफाई करने और कूड़ा उठाने का जिम्मा ठेकेदार का होगा। इसके लिए ठेकेदार को प्रत्येक वार्ड के लिए 32 कर्मचारी रखने होंगे। इसमें 29 सफाई कर्मचारी होंगे। कूड़ा गाड़ी और चालक नगर निगम मुहैया कराएगा। ठेकेदार द्वारा 50 फीसदी डोर टू डोर कूड़े का यूजर चार्ज वसूलने पर ही भुगतान किया जाएगा। इससे कम यूजर चार्ज वसूलकर देने पर ठेकेदार को भुगतान नहीं होगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल शास्त्रीनगर के तीन वार्डों की सफाई व्यवस्था का निजीकरण का प्रस्ताव मांगा गया था, जो तैयार करके नगर आयुक्त कार्यालय भेज दिया गया है। अंतिम निर्णय वहीं से होगा।
संविदा बहाली के लिए शासन को भेजा
वर्ष 2015 में खत्म हुई सफाई कर्मियों की संविदा बहाली के लिए नगर आयुक्त ने शासन के पास पत्र भेजा है। बता दें कि सफाईकर्मियों की हड़ताल के बाद सपा सरकार ने सफाई कर्मियों की संविदा समाप्त कर दी थी। तब से ये सफाई कर्मचारी आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं।