मेरठ। एक लाख रुपये से अधिक गृहकर वाले 8114 भवनों से जीआईएस सर्वे के आधार पर वसूली करने की निगम ने तैयारी कर ली। नगर निगम ने कंकरखेड़ा जोन में गृहकर जमा करने वालों के लिए दो अतिरिक्त काउंटर खोले। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि महानगर में जीआईएस सर्वे लागू नहीं किया गया है। 2024 से ही गृहकर लिया जा रहा है।
नगर आयुक्त ने बताया कि जीआईएस सर्वे का सत्यापन प्रारम्भिक चरण में नगर निगम द्वारा मात्र 8114 उन सम्पत्तियों का किया जा रहा है। जिनका वार्षिक मूल्यांकन एक लाख से अधिक है। जीआईएस सर्वे के विरूद्ध प्राप्त आपत्तियों के त्वरित निस्तारण हेतु तीनों जोनों में (मुख्यालय जोन में नगर निगम स्थित कंट्रोल रूम में), शास्त्रीनगर बी ब्लॉक स्थित सामुदायिक केन्द्र में स्थापित क्षेत्रीय कार्यालय, इसी प्रकार कंकरखेड़ा जोन में डिफेन्स एन्कलेव में क्षेत्रीय कार्यालय में भी एक-एक हेल्प डेस्क स्थापित कराई गई है।
तीनों जोनों में स्थापित हेल्प डेस्क पर प्रति कार्य दिवस दो-दो लिपिक को तैनात कर दिया गया है। साथ ही तीनो जोन में तकनीकी सहायता हेतु कर अधीक्षकों की अध्यक्षता में एक-एक कमेटी का भी गठन नगर आयुक्त के निर्देशों पर किया गया है। उक्त समिति प्राप्त गृहकर के प्रकरण का 07 दिवस में निस्तारण करेगी व यदि गृहकर के निस्तारण में 07 दिवस से अधिक का समय लगता है तो उसका कारण भी निस्तारण में समिति/संबंधित कर अधीक्षक द्वारा अंकित किया जाएगा। जीआईएस सत्यापन के दौरान स्वकर प्रपत्र भी प्रेषित किया जा रहा है। जीआईएस द्वारा चिन्हित नए भवनों पर, जिनका कर निर्धारण अभी तक नहीं हुआ था। ऐसे भवनों पर दिनांक 01 अप्रैल 2022 से गृहकर प्रभावी होगा।