बच्ची की हालत गंभीर
मेडिकल के नवजात एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वी. जायसवाल ने बताया कि बच्ची की तबियत ठीक नहीं है। वह गंभीर है। उसके खून में इंफेक्शन काफी बढ़ गया है। इस तरह का इंफेक्शन गंदगी की वजह से पनप सकता है। उसे बेहतर से बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है।
पहले भी सामने आए ऐसे केस
- करीब दो माह पहले सहारनपुर जिले में दो दिन की बच्ची को एक महिला एक घर के बाहर छोड़कर चली गई थी। हालांकि घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी और पुलिस ने बाद में उस महिला को पकड़ लिया था।
- करीब एक सप्ताह पहले शामली में बस की सीट की नीचे 15 दिन की बच्ची को छोड़ दिया गया था। इस बच्ची के परिजन नहीं मिल सके हैं।
- मई माह में गंगानगर के एक अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजन नवजात को छोड़ गए थे। बाद में दबाव के बाद परिजन उसे ले गए थे।
- पिछले दिनों मेडिकल अस्पताल में भी एक नवजात गायब हो गई थी, जिसका अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
- इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, शायद यही वजह की प्रदेश में ‘पालना’ व्यवस्था शुरू की गई है, जिसमें सरकारी अस्पतालों और सीएचसी पर पालना रखा गया है, ताकि लावारिस बच्चों को इधर-उधर फेंकने के बजाय वहां छोड़ा जा सके।
चाइल्ड लाइन रखती है ख्याल
बाल कल्याण समिति की सदस्य व चाइल्ड लाइन की निदेशिका अनीता राणा का कहना है कि साल 2017-18 में पांच बच्चे मिले हैं। इनकी देखभाल समिति करती है। इनका पूरा ख्याल रखा जाता है।
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