संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। मेरठ कॉलेज की साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की ओर से चल रहे कार्यक्रम सृजन-2026 के तहत बुधवार को विधि विभाग के मूट कोर्ट हॉल में अंतर संकाय वाद-विवाद प्रतियोगिता कराई गई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नौकरियों पर असर विषय पर यह प्रतियोगिता कराई गई। इसमें प्रथम पुरस्कार मुक्ता एवं श्वेता, द्वितीय पुरस्कार वैभव एवं भूमि, तृतीय पुरस्कार मयंक एवं शिप्रा को मिला। प्रोत्साहन पुरस्कार कपिल एवं पायल को प्रदान किया गया।
विभिन्न संकायों से आए प्रतिभागियों ने अपनी तर्कशक्ति का शानदार परिचय दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों पहलुओं पर गहन चर्चा की और इसके मानव जीवन, अर्थव्यवस्था, रोजगार और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से सामने रखा। इस बहस ने छात्रों में एआई से जुड़े विभिन्न आयामों और मुद्दों को समझने की दृष्टि को और स्पष्ट किया। निर्णायक मंडल में प्रो. सीमा जैन और प्रो. कल्पना चौधरी शामिल रहीं। इस अवसर पर प्रो. मीनाक्षी, प्रो. सांत्वना, प्रो. शालिनी, प्रो. अंशु, प्रो. अर्चना, प्रो. नीलम, प्रो. अशोक शर्मा, प्रो. संगीता सहित अन्य मौजूद रहे।