मेरठ। मुहर्रम कमेटी मोनिनीन ए मेरठ ने शनिवार को मुहर्रम का चांद दिखने की तस्दीक कर दी। चांद दिखने के साथ ही शिया समुदाय की महिलाओं ने हाथों से चूड़ियां और गहने उतार दिए। महिलाओं के साथ पुरुषों और बच्चों ने काले लिबास पहनकर गमगीन माहौल में अजादारी का आगाज किया।
मुहर्रम कमेटी के संयोजक अलहाज सैय्यद शाह अब्बासी सफवी ने बताया कि लखनऊ चांद कमेटी से पुष्टि के बाद मेरठ में भी चांद नजर आने की घोषणा की गई। कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि पहली सितंबर तथा यौमे आशूरा दस मुहर्रम 10 सितंबर को होगा। चांद दिखने के बाद अजाखानों और इमामबारगाहों में शिया सोगवारों की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां अलम ए अब्बास जरी ताजिये सजा दिये गये। मातमी अंजुमनों अंजुमन इमामिया, अजुमन दस्तये हुसैनी, तनजीम ए अब्बास, अंजुमन फौजे हुसैनी, अंजुुमन सज्जादिया जैदी फार्म और अंजुमन जुल्फिकार ए हैदरी लोहियानगर में इमामबारगाहों में मातमपुर्सी, नौहेख्वानी हुुसैन अब्बास सदाओं के बीच शनिवार रात से ही मजलिसों का दौर शुरू हो गया।
चांद कमेटी ने मुहर्रम के सभी कार्यक्रम जारी कर डीएम को सौंपे। कमेटी ने मुहर्रम में जुलूसों और अन्य कार्यक्रमों के दौरान सफाई, बिजली और पुलिस व्यवस्था की मांग डीएम से की है। कमेटी ने 10 इमामबाड़ों और 11 अजाखानों की सूची अधिकारियों को दी, जहां मुुहर्रम के दौरान जुलूस और मजलिसें होंगी। अली हैदर रिजवी ने बताया एक सितंबर को जैदी नगर सोसाइटी स्थित इमामबारगाह में आजमगढ़ के मौलाना सैय्यद अम्मार हैदर रिजवी मजलिस में खिताब पेश करेंगे।
अब्दुल्लापुर में मजिलसों का दौर शुरू
मुहर्रम का चांद दिखने की घोषणा के बाद अब्दुल्लापुुर में मुस्लिम समाज के लागों ने काले कपड़े पहनकर इमामबारगाहों का रुख किया। मुहर्रम माह की पहली तारीख के साथ शिया समुदाय के लोग हसन हुसैन की याद मेें मातमपुर्सी, जुलूस और मजलिसों में खिताब कर शहीदों को याद करते हैं। जहूर ए इमाम मेहंदी मूवमेंट के सचिव एडवोकेट नायब अली ने बताया चांद दिखने के बाद इमामबारगाहों और अजाखानों में अलम च ताजिये सजा दिये गये हैं। मुहर्रम की दस तारीख तक जुलूस, इमामबारगाहों और अजाखानों में मजलिसों को दौर चलेगा।