मेरठ। खरखौदा थाने के बाहर लाठीचार्ज के मामले में सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर रविवार को एसपी देहात से मिले। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
शाहिद मंजूर ने एसपी देहात से कहा कि खंदावली गांव में बुजुर्ग की हत्या कर दी गई। हत्या लूट के बाद की गई या डकैती के बाद लेकिन मारने वालों का सुराग नहीं लगा। पीड़ित पक्ष ने घटना की जो तहरीर दी, पुलिस ने उस पर केस दर्ज न करके तहरीर बदलवाई और उसमें लूट या डकैती की धारा नहीं लगाई। यह इतना बड़ा मुद्दा नहीं था। जो भी घटना हुई उसके आधार पर केस दर्ज होता और घटना का खुलासा होता। सपा नेता और खरखौदा के ब्लॉक प्रमुख पति ओमपाल गुर्जर पीड़ित परिवार के साथ यदि थाने के धरने पर बैठे तो जो मांग जायज थी, उन पर सुनवाई होनी चाहिए थी। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी विधायक के कहने पर पुलिस ने सरेआम लाठियों से पीटा, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने एसपी देहात से पूछा कि क्या लोकतंत्र में थाने के बाहर धरना नहीं दे सकते। पहले पुलिस ने पीटा और फिर शांतिभंग में जेल भेज दिया। यह पुलिस की एकतरफा कार्रवाई है। उसके बाद पुलिस ने दूसरे दिन धरना देने वालों पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। थाने के सामने कहां बलवा हुआ। जो पिटे उन्हीं पर केस दर्ज हुआ। सत्ता किसी की भी हो लेकिन प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। निर्दोष लोगों को जबरन घसीटा जा रहा है। हमने आईजी से भी शनिवार रात यही मांग रखी थी। इस दौरान राजपाल सिंह, सुभाष मलिक, धर्मेंद्र मलिक, जिपं. सदस्य डब्बू प्रधान, मुकुल त्यागी, कुलदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।
थाने के सामने धरना बर्दाश्त नहीं
पूर्व मंत्री कई अलग-अलग मामलों में आए थे। खरखौदा प्रकरण में हत्या के खुलासे की मांग की थी। थाने के सामने धरना बर्दाश्त नहीं है। कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। जो पांच लाख रुपये जाना बताया गया है उस पर भी जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। -अविनाश पांडेय, एसपी देहात
पुलिस कर रही निष्पक्ष कार्रवाई
पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। हत्या की घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। -अजय साहनी, एसएसपी