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मेरठ: निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत, धरने पर बैठे परिजन, बखेड़ा, फोर्स रही तैनात  

Mon, 31 Aug 2020 01:15 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • - ब्रह्मपुरी क्षेत्र के शिवाय अस्पताल का मामला 
  • - 100 से अधिक लोगों ने अस्पताल में किया हंगामा  
  • - डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज कराने व मौके पर बुलाने की मांग, फोर्स रही तैनात 
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गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के शिवाय अस्पताल में रविवार दोपहर जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ की भी कोशिश की गई। गुस्साए लोग इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज कर मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। रात तक हंगामे के चलते अस्पताल में फोर्स तैनात रही।
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मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव दूधाहेड़ी निवासी विकास राठी ने गर्भवती पत्नी नीतू को शनिवार रात ढाई बजे मेट्रो प्लाजा के पास शिवाय हॉस्पिटल में भर्ती कराया। विकास के अनुसार, मोबाइल पर उनकी डॉक्टर से बातचीत हुई। महिला डॉक्टर ने कुछ देर बाद अस्पताल आने के लिए कहा।

रविवार दोपहर करीब एक बजे डिलीवरी के बाद नीतू की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल में हड़कंप मचा तो परिजन ऑपरेशन थिएटर में गए। आरोप है वहां नवजात बच्चा तड़प रहा था, जिसके बाद परिजन नवजात को शुभम अस्पताल ले गए, लेकिन नवजात की भी मौत हो गई।
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विकास का आरोप है महिला डॉक्टर डिलीवरी के लिए नहीं आई और कंपाउंडर ने ही डिलीवरी की। महिला की मौत का पता चलते ही 100 से अधिक लोग दूधाहेड़ी गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली व गाड़ियों से अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करते हुए अस्पताल में धरने पर बैठ गए। 

सूचना पर सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सुभाष अत्री और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई, जिस कारण महिला और नवजात पुत्र की जान चली गई। इसके जिम्मेदार डॉक्टर हैं। डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज कराने और मौके पर बुलाने की मांग को लेकर जमकर बखेड़ा हुआ।

पुलिस ने डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बावजूद ग्रामीण शांत नहीं हुए। उन्होंने पुलिस से साफ कहा कि जब तक डॉक्टर यहां नहीं आएंगी, तब तक लाश नहीं उठेगी। सीओ का कहना है कि महिला के पति ने डॉ शिखा सेठ व डॉ विकास सेठ के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
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कंपाउंडर से आपरेशन क्यों कराया
नीतू के भाई अजय व पति विकास ने कहा, महिला डॉक्टर कुछ देर में आकर डिलीवरी करने की बात मोबाइल पर कहती रही। नीतू की मौत होने पर जब परिजनों ने डॉक्टर को बुलाने की मांग की तो उन्होंने खुद को विदेश में होना बताया।

डॉक्टर नहीं थी तो फिर कंपाउंडर से ऑपरेशन क्यों कराया। महिला डॉक्टर ने ब्रह्मपुरी पुलिस से मोबाइल पर कहा कि उन्होंने दूसरी महिला डॉक्टर को बुला लिया था। इलाज में लापरवाही की बात गलत है।

बाथरूम में स्ट्रेचर पर था शव 
परिजनों ने बताया कि जब वह ऑपरेशन थिएटर के अंदर पहुंचे तो नीतू की लाश बाथरूम के अंदर स्ट्रेचर पर थी। ऐसा लग रहा था जैसे बाथरूम के भीतर ही उसकी डिलीवरी की गई हो।
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