विकास का आरोप है महिला डॉक्टर डिलीवरी के लिए नहीं आई और कंपाउंडर ने ही डिलीवरी की। महिला की मौत का पता चलते ही 100 से अधिक लोग दूधाहेड़ी गांव से ट्रैक्टर-ट्रॉली व गाड़ियों से अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करते हुए अस्पताल में धरने पर बैठ गए।
सूचना पर सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सुभाष अत्री और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई, जिस कारण महिला और नवजात पुत्र की जान चली गई। इसके जिम्मेदार डॉक्टर हैं। डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज कराने और मौके पर बुलाने की मांग को लेकर जमकर बखेड़ा हुआ।
पुलिस ने डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया, लेकिन उसके बावजूद ग्रामीण शांत नहीं हुए। उन्होंने पुलिस से साफ कहा कि जब तक डॉक्टर यहां नहीं आएंगी, तब तक लाश नहीं उठेगी। सीओ का कहना है कि महिला के पति ने डॉ शिखा सेठ व डॉ विकास सेठ के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
कंपाउंडर से आपरेशन क्यों कराया
नीतू के भाई अजय व पति विकास ने कहा, महिला डॉक्टर कुछ देर में आकर डिलीवरी करने की बात मोबाइल पर कहती रही। नीतू की मौत होने पर जब परिजनों ने डॉक्टर को बुलाने की मांग की तो उन्होंने खुद को विदेश में होना बताया।
डॉक्टर नहीं थी तो फिर कंपाउंडर से ऑपरेशन क्यों कराया। महिला डॉक्टर ने ब्रह्मपुरी पुलिस से मोबाइल पर कहा कि उन्होंने दूसरी महिला डॉक्टर को बुला लिया था। इलाज में लापरवाही की बात गलत है।
बाथरूम में स्ट्रेचर पर था शव
परिजनों ने बताया कि जब वह ऑपरेशन थिएटर के अंदर पहुंचे तो नीतू की लाश बाथरूम के अंदर स्ट्रेचर पर थी। ऐसा लग रहा था जैसे बाथरूम के भीतर ही उसकी डिलीवरी की गई हो।