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Delhi Meerut Express wayपरतापुर इंटरचेंज पर ट्रैफिक अधिक, रात में नहीं हो सकेगा काम

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माई सिटी रिपोर्टर।
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मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को पूरा करने में मात्र तीन महीने का समय बचा है। इसके बाद भी अभी कार्य की रफ्तार तेज नहीं है। वहीं, एनएचएआई ने परतापुर इंटरचेंज पर ट्रैफिक होने का हवाला देते हुए रात में कार्य न करने से मना कर दिया है। ऐसे में रात में सिर्फ ग्रीनफील्ड की तरफ कार्य किया जाएगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के मुख्य केंद्र परतापुर इंटरचेंज पर अभी अगर दिन-रात भी कार्य किया जाए तो दिसंबर-2020 तक कार्य पूरा किया जाना मुश्किल है। अभी यहां पर तीन अंडरपास, एक गोलचक्कर, फ्लाईओवर को रेलवे ओवरब्रिज से जोड़ने की प्रक्रिया पूरा करने का काम बाकी है। इसके बाद भी यहां रात में काम शुरू होना तो दूर दिन के समय भी उतने श्रमिक नजर नहीं आते जितने कार्य की रफ्तार बढ़ाने के लिए दिखने चाहिए।
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मिट्टी न मिलने से होने लगी दिक्कतें
वहीं, दूसरी ओर अब मिट्टी न मिलने के कारण दिक्कतें आनी शुरू हो गई है। अभी काफी मात्रा में मिट्टी की जरूरत है। एक फ्लाईओवर को जोड़ने के लिए मिट्टी की लेवलिंग की जानी है। सोमवार को परतापुर इंटरचेंज पर ओवरब्रिज पर लिंटर डालने का कार्य किया गया, लेकिन मिट्टी न मिलने के कारण अंडरपासों के बीच मिट्टी भराव में दिक्कतें आने लगी हैं।
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नहीं हो सकी एनएचएआई चैयरमेन से मुलाकात
वहीं, किसान कल्याण समिति के बैनर तले गाजियाबाद इलाके के मुरादाबाद गांव में चल रहे धरने को भी अनिश्चितकालीन समय के लिए चलाया जाएगा। सोमवार को किसानों का प्रतिनिधिमंडल बागपत सांसद सत्यपाल सिंह के दिल्ली आवास पर पहुंचा। वहां से सांसद के साथ एनएचएआई चेयरमैन से मिलने पहुंचा। किसान कल्याण समिति के प्रवक्ता सतीश राठी ने बताया कि कार्यालय में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद एनएचएआई चेयरमैन से वार्ता नहीं हो सकी।
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