पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद मई में एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन संभावित है। इससे पहले टोल दरें भी तय हो जाएंगी। एक्सप्रेसवे शुरू होने से मेरठ के लोगों की गाजियाबाद और दिल्ली तक आवाजाही बगैर जाम के सुनिश्चित हो गई है।
2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे की फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर, 2015 को इसका शिलान्यास किया था। डासना से मेरठ तक एक्सप्रेसवे के चौथे चरण का कार्य 27 फरवरी, 2018 को शुरू हुआ था।
टोल दरें इसी हफ्ते तय होने की उम्मीद
एक्सप्रेसवे पर कुछ दिन तक लोगों को टोल नहीं देना होगा। मंत्रालय की की ओर से अभी टोल दरें निर्धारित नहीं की गई हैं। देश के पहले एडवांस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर सिस्टम (एएनपीआर) के तहत सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। इससे चलती गाड़ी से टोल टैक्स कट जाएगा।
तीन सेकेंड में पांच वाहन का औसत
अमर उजाला ने दोपहर के समय काशी टोल प्लाजा पर वाहन गुजरने का सिलसिला चेक किया तो यहां से तीन सेकेंड में पांच वाहन गुजर रहे थे। मेरठ से नोएडा सिटी सेंटर जाने वाली रोडवेज बसों ने भी एक्सप्रेसवे रूट को चुना।
टोल प्लाजा पर रुके दूसरे प्रदेशों के वाहन
दिल्ली, हिमाचल, पंजाब आदि के वाहन टोल प्लाजा पर रुक रहे थे। फिलहाल टोल नहीं लिए जाने की पुष्टि करने के बाद ही वह आगे बढ़े। हालांकि, मेरठ और गाजियाबाद के वाहन टोल प्लाजा पर फर्राटा भरते हुए निकले।
नौकरी करने वालों को सबसे ज्यादा लाभ
मैंने जितना प्रधानमंत्री और नितिन गडकरी से मांगा था, मुझे दे दिया। अब मेरठ से दिल्ली नौकरी करने वालों को सबसे अधिक लाभ होगा। - राजेंद्र अग्रवाल, सांसद