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मोनू का खौफ कम करने में जुटी पुलिस

Thu, 29 Sep 2016 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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रोहटा में मोनू जाट का खौफ इस कदर हावी है कि ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मंगलवार को हुई पंचायत में लोगों में यह खौफ साफ नजर आया। इसके बाद पुलिस ने नए सिरे से प्लानिंग की है। अब पुलिस ग्रामीणों में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना पैदा कर मोनू के खौफ को कम करेगी।
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मुखबिरों के जरिए ही पुलिस आरोपियों तक पहुंचती है। बड़े बदमाश भी मुखबिरों की सूचना पर ही धरे जाते हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि मुखबिरों की मदद से ही वह मोेनू जाट तक पहुंच जाएगी, लेकिन उसे पकड़ने में पुलिस का सूचना तंत्र फेल हो गया है। सूत्रों के अनुसार मोनू जाट ने जिस तरह 15 दिनों में रोहटा और बागपत जिलों में पांच मर्डर किए हैं उससे पुलिस के मुखबिरों में खौफ हैं। उन्हें डर है कि यदि मुखबिरी की जानकारी मोनू तक पहुंच गई तो वह उन्हें भी जिंदा नहीं छोडे़गा। इसी वजह से पुलिस अभी तक मोनू के ठिकाने का कोई ठोस सुराग नहीं लगा सकी।
कुछ दिन पहले तक मोनू को गांव की सपोर्ट मिलने की बात कहने वाले पुलिस के अफसर भी ये बात मानने लगे हैं। पुलिस का मानना है कि गांव में दो हत्याएं करने के बाद अब मोनू के प्रति गांव वालों की हमदर्दी भी खत्म हो रही है। ग्रामीण चाहते हैं कि वह पकड़ा जाए। मंगलवार को रोहटा में हुई पंचायत में भी लोगों का मूड देख पुलिस मान रही है कि गांव वालों के सहयोग से ही मोनू तक पहुंचा जा सकता है। इसके लिए उनमें ग्रामीणों में सुरक्षा का माहौल बनाना होगा।
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ये है प्लान
गांव में आने जाने वाले सभी रास्तों पर सुरक्षा, नाकेबंदी।
खेतों को जाने वाले रास्तों पर पुलिस गश्त, चेकिंग।
बाजारों में पुलिस पिकैट की तैनाती।
गांव में सर्विलांस सिस्टम से कॉल ट्रैकिंग।
ग्रामीणों के साथ बैठकें, उनका हौसला बढ़ाना।
ग्रामीणों को विश्वास में लेकर खेतों में कांबिंग।

खेतों की आड़ में राह हुई आसान
जांच में पता चला है कि मोनू जाट और उसके साथी पैदल ही वारदातों को अंजाम देने आते हैं। उनके पास हथियार भी आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस का अनुमान है कि मोनू जाट और उसका गैंग का रोहटा या बागपत के बरनावा क्षेत्र के जंगल में ही छिपते हैं। रोहटा के जंगल सीधे बागपत के दोघट या टीकरी क्षेत्र के जंगल से मिले हैं ऐसे में एक जिले में वारदात के बाद खेतों के जरिए ही दूसरे जिले में आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा रोहटा के जंगल से बागपत रोड पर जानी थाना क्षेत्र में भी निकला जा सकता है। ऐसे में जानी केे जंगल में भी उनके ठिकाने की संभावना हो सकती है।

कहां से आ रहे हथियार
सूत्रों के अनुसार पुलिस मान रही है कि मोनू गैंग के पास हथियार आ चुके हैं। पुलिस का मानना है कि या तो किसी गैंग का कोई बदमाश मोनू के साथ हो गया है या फिर उसे कहीं से मोटी रकम हाथ लगी है, जिससे उसने हथियार और कारतूस खरीदे हैं। हालांकि जिले के रार्धना, किठौर इलाकों में अवैध असलहे बनते हैं।
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