मेरठ। पुलिस कांस्टेबल भर्ती में शारीरिक मानक परीक्षण में फिट घोषित करने के नाम पर डॉक्टर और उसके चालक ने दो अभ्यर्थियों से रकम वसूली थी।डॉ. दिव्य कुमार राणा के कार चालक आदित्य के खाते में इसकी ट्रांजेक्शन पुलिस को मिली है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा पास करने के बाद निखिल राठी का 11 जनवरी को पुलिस लाइन में प्रमाण पत्रों का सत्यापन और शारीरिक मानक परीक्षण था। आरोप है कि यहां डॉक्टर ने सीने का फुलाव कम बताते हुए उसे पुलिस लाइन के गेट नंबर-तीन के बाहर गाड़ी में बैठे अपने चालक से मिलने की बात कही थी। निखिल पुलिस लाइन के बाहर आया तो इस नंबर की गाड़ी उसे नहीं मिली। उसने भीतर जाकर डॉक्टर को यह बात बताई। डॉक्टर ने उसके पिता का मोबाइल नंबर लेकर किसी को व्हाट्सएप पर भेजा।
कुछ देर बाद उसके पिता के मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई। कॉलर ने बेटे की छाती का फुलाव पूरा कराने का रेट 50 हजार बताते हुए रुपये मांगे। निखिल के पिता ने मोबाइल से गाड़ी का फोटो ले लिया था। इस पर आरोपी फरार हो गया था। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर निखिल राठी की शिकायत पर जबरन वसूली और उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी डॉक्टर और उसके चालक को 13 जनवरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले की विवेचना में जुटी पुलिस अन्य अभ्यर्थियों को फोन कर जानकारी ले रही है। पूर्व में जांच में सामने आया था कि एक अभ्यर्थी से 50 हजार रुपये लिए गए थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद यह रकम वापस कर दी गई थी। अब पता चला है कि आदित्य के बैंक खाते में एक अभ्यर्थी से 30 हजार और एक अभ्यर्थी से 18 हजार रुपये लिए थे। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी का कहना है कि जांच जारी है। अभी और अभ्यर्थियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।