पांच साल पहले सदर बाजार क्षेत्र के भूसा मंडी में हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-1 राकेश कुमार पंचम ने करीब पांच वर्ष पुराने सलीम हत्याकांड में पूर्वा हाफिज अब्दुल करीम थाना रेलवे रोड निवासी मोहसिन को दोषी ठहराया है। मोहसिन को हत्या समेत तीन धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने हत्या के मामले में 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, सदर बाजार निवासी मृतक सलीम का मोहसिन की बहन रानी से दो वर्ष से प्रेम प्रसंग था। दोनों के निकाह की बात भी चल रही थी, जिससे मोहसिन नाराज था। 2 जुलाई 2021 को रानी ने सलीम को बातचीत के लिए घर बुलाया था। वहां मोहसिन ने उससे मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। अगले दिन, 3 जुलाई 2021 की रात सलीम अपने दोस्त आसिफ के साथ घर लौट रहा था। गली के कोने पर घात लगाए बैठे मोहसिन ने सलीम की तमंचे से गोली मार कर हत्या कर दी। आसिफ ने बचाने का प्रयास किया तो मोहसिन ने उस पर भी तमंचा तान दिया। गोली की आवाज सुनकर सलीम का भाई बिलाल और अन्य लोग बाहर आए। मोहसिन तमंचा लहराते हुए मौके से भाग गया। सदर बाजार थाने पर मृतक के बिलाल भाई की ओर से मोहसिन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
सदर बाजार थाना पुलिस ने 11 जुलाई 2021 को मोहसिन की निशानदेही पर .315 बोर का तमंचा, कारतूस बरामद किया था। छह अक्तूबर 2021 को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए थे।
सोमवार को दोनों पक्षों को सुनते हुए अदालत ने प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य सबूतों के आधार पर मोहसिन को दोषी पाया।
सजा का विवरण
अदालत ने मोहसिन को हत्या में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड दिया। जान से मारने की धमकी देने की धारा में एक वर्ष का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया गया। इसके अलावा शस्त्र अधिनियम की धारा में दो वर्ष का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, और अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान है।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
मोहसिन अपनी बहन रानी और सलीम के प्रेम संबंध से नाखुश था। रानी और सलीम के बीच निकाह की बात चल रही थी। इसी नाराजगी के चलते मोहसिन ने सलीम की हत्या की योजना बनाई। घटना से एक दिन पहले भी मोहसिन ने सलीम को धमकी दी थी।