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Meerut News: पेराई सत्र शुरू होते ही मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल की मशीनें खराब

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मेरठ। मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल के तीन दिन में दो बार हुए उद्घाटन व पेराई सत्र के शुरू होने के कुछ घंटे बाद ही शुगर मिल की टरबाइन खराब होने को लेकर किसानों ने रोष व्यक्त किया। किसानों ने शुगर मिल की मशीनों की सही से टेस्टिंग नहीं होने और मिल के शुभारंभ में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया। भाकियू का कहना है कि अगर एक सप्ताह के अंदर शुगर मिल सुचारू रूप से नहीं चला तो मिल परिसर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल का पेराई सत्र जीएम कुमार धर्मेंद्र ने शुरू किया। शनिवार को दोबारा बागपत सांसद डाॅ. राजकुमार सांगवान, उर्जा राज्यमंत्री डाॅ. सोमेंद्र तोमर, गन्ना समिति चेयरमैन दीपक राणा और शुगर मिल के जीएम कुमार धर्मेंद्र ने विधि विधान से पूजा कर पेराई सत्र का उद्घाटन किया। शुगर मिल के शुभारंभ के कुछ घंटे के बाद ही मिल की मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। मिल चलाने वाली कंपनी के मैनेजर एसके त्रिपाठी ने मशीनों की जांच की। शुगर मिल प्रबंधन ने बताया कि विद्युत आपूर्ति के कारण मशीनों में खराबी आ गई थी, जिस पर काम किया जा रहा है। बताया कि शुगर मिल का उद्घाटन बृहस्पतिवार को किया गया था। गंगा स्नान होने के चलते मिल में मांग के अनुसार गन्ना नहीं पहुंचा। अब किसानों द्वारा मिल में गन्ना पहुंचाया गया, इसलिए आज तय मुहूर्त के बाद मिल का पेराई सत्र शुरू किया गया।

भाकियू ने कहा, शुगर मिल बना राजनीति का अड्डा
शुगर मिल के पेराई सत्र शुरू होने के कुछ देर बाद ही मशीनों में कमी होने की जानकारी पर शुगर मिल परिसर में दर्जनों किसान एकत्र हो गए। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन शशांक चौधरी ने कहा कि शुगर मिल के जीएम राजनीति का हिस्सा बन चुके हैं। इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी शुगर मिल का दो बार उद्घाटन किया गया। क्षेत्र के किसानों को निमंत्रण नहीं दिया गया। बताया कि प्रदेश की सभी शुगर मिल समय से शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल को देरी से शुरू किया गया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि एक पार्टी के लोगों ने शुगर मिल को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया है। एक सप्ताह में मिल सुचारू रूप से नहीं चला तो आंदोलन किया जाएगा।
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