थाने में प्रदेश अध्यक्ष मानवेंद्र
मेरठ में शताब्दीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने जा रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष समेत दो दजर्न लोगों को सदर बाजार पुलिस ने बेगमपुल के पास से हिरासत में ले लिया। इस दौरान जाट नेताओं की पुलिस से तीखी नोंकझोंक हुई। चार घंटे के बाद शाम चार बजे पुलिस ने सभी को थाने से छोड़ दिया।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मानेंद्र वर्मा और जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में जाट नेता शताब्दीनगर में पीएम को ज्ञापन देने जा रहे थे। बाद में संघर्ष समिति के नेताओं ने सदर थाने में ही एसआई वसीम खान को ज्ञापन सौंप दिया। प्रदेशाध्यक्ष ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि जाट आरक्षण रद्द करने के बाद संघर्ष समिति के नेताओं को आश्वासन दिया कि जाट आरक्षण दिया जायेगा। हरियाणा में भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने जाट समाज पर असंवैधानिक बातें कहीं, हरियाणा में फरवरी 2016 में जातिगत दंगे कराकर निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया।
र्दोष लोग आज भी जेल में बंद हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री मेरठ में आये, जिसके बाद हम मांग करते कि जो वादे आपने किये थे, वह पूरे नहीं हुए। लेकिन पुलिस ने हमें प्रधानमंत्री के पास नहीं जाने दिया। इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत का कहना है कि हिरासत में लेने की बात गलत है, ज्ञापन देने के बाद सभी लोग चले गये थे। इस दौरान राकेश पंवार, अशोक प्रधान, धर्मेन्द्र मलिक, अशोक चौधरी, रामकुमार, कुंवरपाल सिंह, अभिनव, हरेंद्र सांगवान, विजय सांगवान, लोकश चहल और अन्य शामिल रहे।