उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में फोन पर दिए गए तलाक ने शागुल की जिंदगी को बदरंग कर दिया। तीन तलाक के अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद सामने आईं शागुल चाहती है कि उन्हें अपमानित और प्रताड़ित करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दीं जाएं।
रायवाला की रहने वाली शागुल का निकाह 18 नवंबर 2016 को हुआ था लेकिन वह मुश्किल से दो से ढाई माह ही ससुराल में रह पाई। उसको दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। मांग पूरी नहीं हुई तो गर्भवती हालत में उसे घर से निकाल दिया गया, तब से लेकर अब तक वह अपने अब्बू के घर पर ही है। इसी बीच शागुल ने एक बेटे को जन्म भी दिया। इसके बाद उसने और उसके परिवार ने बेटे का वास्ता देकर शौहर को बुलाने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह शहर छोड़कर बाहर चला गया। तमाम कोशिश के बाद भी शागुल का घर नहीं बस पाया। हद तो तब हो गई, जब कुछ दिन पहले शौहर ने शागुल को फोन पर तलाक दे दिया। उलेमाओं ने भी इसे तलाक करार दिया। शागुल अब एक नन्ही सी जान के साथ अपने मायके में जीवन यापन कर रही हैं।