शहर के विवाह आयोजनों की शान रहे और सेना के कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने वाले जय हिंद बैंड के संस्थापक महेंद्र कुमार धानक (78) का रविवार देर शाम निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था। मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर उनकी मृत्यु का कारण बना। उन्हें क्लानेट यानी मॉर्डन शहनाई में उन्हें महारत हासिल थी। उन्होंने कई बार संसद भवन में शहनाई वादन किया। राष्ट्रपति, राज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें सम्मानित किया था। साल 2022 में प्रदेश सरकार ने पद्म पुरस्कार के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया था।
शास्त्रीय संगीत समिति के सचिव और प्रवक्ता आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि धानक 1995 से मॉडर्न शहनाई वादन करते आ रहे थे। संसद में बाबा साहब आंबेडकर जन्मोत्सव, 26 जनवरी और 15 अगस्त पर उनका कई बार शहनाई वादन हुआ। तत्कालीन राज्यपाल झारखंड और वर्तमान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें सम्मानित किया। यूपी के तत्कालीन गवर्नर राम नाईक ने भी उनकी प्रशंसा की थी। वह शास्त्रीय संगीत समिति के संस्थापक और उत्तर प्रदेश बैंड एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में अभी तक जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने 1975 में न्यूज जय हिंद बैंड बनाया। आज यह बैंड मेरठ सहित देशभर में जाना जाता है। वह संगीत नाटक एकेडमी से भी सम्मानित हुए थे। वर्तमान में वह यूपी बैंड एवं शृंगार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भी थे। वह ताज महोत्सव, मैसूर महोत्सव, गेट वे ऑफ इंडिया पर फ्यूजन म्यूजिक में प्रस्तुति देते थे। उन्होंने अपनी कला 450 विद्यार्थियों को सिखाई है। चैंबर फॉर डेवलपमेंट एंड प्रमोशन ऑफ एमएसएमई के अध्यक्ष डॉ. संजीव ने कहा कि यह समाज के लिए क्षति है। महेंद्र कुमार धानक के बेटे पवन धानक ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे उनके पिता के शव का अंतिम संस्कार सूरजकुंड पर किया जाएगा।