रफीक अंसारी कोर्ट में पेश नहीं हुए थे, जिसके चलते सन् 1997 में उनके गैरजमानती वारंट जारी हुए। इसके बाद उनके 101 गैरजमानती वारंट जारी हुए। सीआरपीसी की धारा 82 के अंतर्गत कुर्की प्रक्रिया के बावजूद भी रफीक अंसारी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
हाईकोर्ट ने इस मामले में डीजीपी को रफीक अंसारी को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे। नौचंदी पुलिस ने 27 मई को रफीक अंसारी को बाराबंकी से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से विधायक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
इस मामले में भाजपा नेताओं ने एसपी सिटी से विधायक द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव के नामांकन में लगाए गए शपथ पत्र में सभी मुकदमों की जानकारी नहीं देने की शिकायत भी की गई है।