परतापुर/मेरठ। मोहिउद्दीनपुर के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के कार्य ने रफ्तार पकड़ी हुई है। खुर्जा से लुधियाना तक जाने वाले इस ट्रैक के लिए कार्य किया जा रहा है। हाल ही में सरकार ने बजट में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के कार्य की समय सीमा वर्ष 2022 तय की है। मोहिउद्दीनपुर में चल रहे कार्य के लिए मिक्सिंग प्लांट लगाया गया है। इसमें बड़े स्तर पर रोडी व पत्थरों की मिक्सिंग की जा रही है। रेलवे लाइन सुरक्षित रहें इसके लिए रेलवे लाइन के दोनों और फोल्डिंग दीवारें बनाई जाएंगी। वहीं, फ्रेट कारिडोर के कारण कुछ समय के लिए खरखौदा मोड़ से खरखौदा जाने वाला मार्ग और हाईवे प्रभावित होगा। यहां दोनों जगहों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाएगा। वाहनों के लिए यहां भी सर्विस रोड दी जाएगी।
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एक्सप्रेस-वे पर मोबाइल कनेक्टिविटी ‘नो टेंशन’
परतापुर/मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण डासना से मोहिउद्दीनपुर पर चल रहे कार्य में परतापुर के पास बारिश के कारण बाधित हुए मिट्टी भराव का कार्य फिर शुरू कर दिया है। एनएचएआइ के अधिकारियों ने अछरोंडा के पीछे शुक्रवार को टोल प्लाजा के पास डीएलसी बिछाने का काम शुरू कर दिया।
बारिश के चलते डीएलसी (ड्राई लेन कंकरीट) बिछाने का कार्य भी रोक लिया गया था। वहीं, अछरोंडा के पीछे बन रहे टोल प्लाजा की चौड़ाई 120 मीटर रखी गई है। परतापुर तिराहे व भूडबराल के बीच इंटरचेंज की तैयारी चल रही हैं। इसी स्थान पर गोल चक्कर बनाने का कार्य भी प्रस्तावित है। वहीं, एनएचएआई ने इसके बीच पार्क के लिए जमीन चिह्ति कर ली है। इस पार्क में रंगीन रोशनी से सुसज्जित फव्वारा बनाया जाएगा। इसके अलावा बहादरपुर अंडरपास से रेलवे लाइन तक काम को आगे बढ़ा दिया गया। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे पर लोगों को मोबाइल कनेक्टिविटी बेहतर देने के लिए सभी कंपनियों ने अपने केबलों का जाल बिछाना शुरू कर दिया है। इसके लिए जगह-जगह जंक्शन बॉक्स बनाए गए हैं।