प्रापर्टी डीलर सुबोध शर्मा की हत्या के तार जेल में बंद अपराधियों से जुड़ रहे हैं। पुलिस ने उक्त अपराधियों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी। पुलिस का दावा है कि भाड़े पर शूटर लेकर पूरी प्लानिंग के साथ हत्या की गई है। इस वारदात में करीबी का हाथ बताया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के खतौली मोहल्ला देवीदास निवासी प्रापर्टी डीलर सुबोध शर्मा मोदीपुरम की आनंद निकेतन कालोनी में दूसरी पत्नी ज्योति व दोनों बच्चों के साथ रहते थे। शनिवार देर रात हथियारबंद बदमाशों ने गोली बरसाकर सुबोध की हत्या कर दी थी। पुलिस का कहना है कि प्रापर्टी डीलर की हत्या प्लानिंग के साथ की गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या मोटी रकम व भाड़े के शूटरों से कराई गई। पुलिस को अंदेशा है कि जेल में बंद अपराधियों से हत्या के तार जुड़े हैं। जेल में हत्या की प्लानिंग की गई। इस मामले को लेकर सोमवार पल्लवपुरम पुलिस ने मेरठ और मुजफ्फरनगर जेल में बंद अपराधियों से पूछताछ की।
नामजद आरोपियों की रिकार्ड खंगाल रही है पुलिस
सुबोध शर्मा हत्याकांड में एक ड्रग इंस्पेक्टर समेत पांच लोगों को नामजद किया गया है। सुबोध के भाई सुभाष शर्मा ने खतौली निवासी सुधीर शर्मा, राजबीर उर्फ टीटू, दीपक बंसल, मुजफ्फरनगर निवासी धर्मेंद्र और ड्रग इंस्पेक्टर राजेश यादव को नामजद किया है। पल्लवुपरम पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम नामजद आरोपियों का रिकार्ड खंगाल रही है।
आधा दर्जन मोबाइल सर्विलांस पर लगाए
मामले में पुलिस ने सोमवार को सुबोध शर्मा के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया है। पिछले तीन चार दिन में उसने किससे बात की है और किन नंबरों से कॉल आयी है। इसके अलावा अन्य कुछ और लोगों के भी मोबाइल फोन पर लगाए है। पुलिस सर्विलांस के माध्यम से भी केस में क्लू तलाश रही है।