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सैकड़ों परीक्षार्थियों के नाम की वर्तनी में गलती

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सैकड़ों परीक्षार्थियों के नाम की वर्तनी में गलती
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मेरठ। यूपी बोर्ड की परीक्षा देने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों के नाम की वर्तनी में गलती है। विद्यालयों में उनके फार्म भरते समय यह लापरवाही बरती गई है। यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में ऐसे फार्मों की छंटनी चल रही है। सारे फार्म छांटने के बाद इन्हें विद्यालयों में सुधार के लिए भेजा जाएगा।
यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली आदि 17 जिले आते हैं। इनमें इस बार 10 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए आवेदन किया हुआ है। इन फार्मों की जांच की जा रही है। इनमें सैकड़ों की तादाद में ऐसे फार्म मिले हैं, जिनमें विद्यार्थी या उसके पिता की वर्तनी में किसी न किसी तरह की गलती है। इसमें सुधार की जरूरत है, क्योंकि ऐसे परीक्षार्थियों को पहले परीक्षा के दौरान और बाद में मार्कशीट में नाम को लेकर परेशानी होती है। इस संबंध में क्षेत्रीय सचिव राणा सहस्त्रांशु सिंह सुमन ने बताया कि अब फार्म में हिंदी और अंग्रेजी दोनों में नाम लिखना पड़ता है। काफी संख्या में ऐसे फार्म निकल रहे हैं, जिनमें हिंदी या अंग्रेजी की वर्तनी में गलती है। इन्हें छांटा जा रहा है। इनमें सुधार कराया जाएगा। जिस भी जिले के फार्म हैं, उन्हें वहां भिजवाया जाएगा।
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अंदर के पेजों पर नाम, अनुक्रमांक लिखने वाले रहेंगे रडार पर
मेरठ। यूपी बोर्ड की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में अंदर के पेजों पर अपना नाम, अनुक्रमांक और स्कूल का नाम लिखने वाले रडार पर रहेंगे। ऐसे विद्यार्थियों पर नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ बोर्ड कार्रवाई करेगा।
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दरअसल, कुछ विद्यार्थी मुख्य पेज के अलावा भी अंदर के पेजों पर अपना स्कूल का नाम और अनुक्रमांक आदि पहचान उजागर करने के लिए लिख देते हैं। मूल्यांकन में लगाए जाने वाले परीक्षकों को इस संबंध में निर्देश दिए जाएंगे कि यदि उन्हें ऐसी उत्तर पुस्तिका मिलेंगी तो उसे अलग कर कार्रवाई के लिए बोर्ड को भेज दिया जाएगा। यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने वाली हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक, स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों को यह भी अवगत कराया जाए कि यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में किसी भी प्रकार से अपनी पहचान जाहिर न करें। साथ ही ऐसे विद्यार्थियों के बारे में बोर्ड को जानकारी दी जाएगी। इसके बाद बोर्ड अधिनियम के तहत इन पर कार्रवाई करेगा। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन बेहद गोपनीय कार्य होता है। परीक्षक को भी यह मालूम नहीं होता कि वह किसकी उत्तर पुस्तिका जांच रहा है। ऐसे में कोई विद्यार्थी इस गोपनीयता को भंग करता है तो वह दोषी माना जाएगा। बोर्ड को कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया जाएगा। परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बोर्ड ने इस बार कई कदम उठाए हैं।
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