उन्होंने कहा कि योजना में जो अपात्र लोग पहुंचते हैं, यह सब ग्राम प्रधान और सचिवों द्वारा किया जाता है। इन्हीं के कारण पात्र लोग छूट जाते हैं, जिन्हें लाभ नहीं मिलता। गो हत्याओं पर उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले सड़कों पर गोवंश दिखाई नहीं देते थे, इससे यह साबित हो गया है कि गायों की हत्या होती थी।
आवारा गो वंशों के लिए जिले में गो संरक्षण केंद्र बन रहा है। समिति द्वारा गोशाला खोलने के नियमों में भी बदलाव किया है। तीन वर्षों की कायदे कानून थे, उनको खत्म कर दिया गया है। तुरंत समिति को गोशाला संचालन में लाभ मिलेगा। 30 रुपये की दर से भुगतान किया जाएगा। महिलाओं ने अपनी समस्या से अवगत कराया। निकायों में विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया।
बछड़े से गाय पालकों को मिलेगी मुक्ति
प्रभारी मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि अब गाय केवल बछिया को ही जन्म देगी, नंनदी (बछड़े) की समस्या को खत्म कर दिया गया है। जल्द जिले को इसका सीमन मिलना शुरू हो जाएगा। अच्छी नस्ल की बछिया का सीमन गाय पालकों को मिलेगा। इसके लिए 300 रुपये खर्च करने होंगे। इस मामले में देश में उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां पर इसकी पहल शुरू की गई।
भ्रूण हत्या रोकने में भूमिका निभाएं महिलाएं
प्रभारी मंत्री ने महिलाओं से कहा कि वह कन्या भ्रूण हत्या रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। समाज को यह भी समझना चाहिए कि लड़के या लड़की के जन्म में गुण सूत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुरुषों के गुण सूत्र से ही लड़के या लड़की के लिंग का निर्धारण होता है, महिलाएं इसके लिए दोषी नहीं होती। इसके लिए समाज में जागरूकता जरूरी है।
भूख से मौत पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए
प्रभारी मंत्री ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि क्षेत्र में कहीं भी भूख से लोगों की मौत होती है तो इसके लिए गैर इरादतन हत्या का मुकदमा होना चाहिए, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अगर अन्न का दाना नहीं आता है तो इसके लिए राशन डीलर से लेकर संबंधित विभागीय अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाए।
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